छः बल्ब जलाने पर 16 हजार महीना बिल आने के लिए, तन्मयता से बढ़ा रहा राजस्व, छूट का पैसा भी करवा रहा जमा, कहीं जाति विशेष निशाने पर तो नहीं?. किसान नेताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी
चन्दौली। मामला यूपी के चंदौली जिले के धानापुर ब्लॉक अंतर्गत गुरेहूं गांव से है. जहां उपभोक्ता छः एलइडी के बल्ब जलाने पर 16 हजार महीना बिल आने के लिए भ्रष्टाचार की मूर्तिमान बिजली विभाग को साष्टांग प्रणाम कर रहा हैं।बिजली विभाग खूब तन्मयता से सरकार का राजस्व बढ़ा रहा हैं और जाति विशेष के लोगों से छूट का पैसा भी जमा करवा रहा है। भाजपा शाशित राज्य में कहीं जाति विशेष निशाने पर तो नहीं हैं? चुन चुन कर कहीं बलि तो नहीं बनाया जा रहा है। इसलिए बिल का पूरा पैसा जमा करना है। उन्हें ब्याज और मूलधन की छूट योजना से वंचित रखा जा रहा है।
विजुअल। सुने परिजनों की जुबानी
उत्तर प्रदेश शासन भले ही आदेश दिया है कि बिजली बिल जमा करने पर उपभोक्ता को ब्याज में 100 प्रतिशत और मूलधन में भी 25 प्रतिशत छूट का लाभ दिया जाएगा। लेकिन उनके ही कर्मचारी गरीब जनता का शोषण पर शोषण किए जा रहे हैं।
विजुअल शेषनाथ यादव किसान नेता की जुबानी
गुरेहूं गांव के असगर पुत्र जब्बार के नाम से बिजली कनेक्शन है। जिसका खाता नंबर 1566701100 है। कनेक्शन लेने के कुछ दिन बाद उपभोक्ता की मृत्यु हो गई है। परिजनों का कहना है कि बिजली विभाग के कर्मचारी बीते दिनों मेरे घर आए और बताये कि आपका बिजली बिल 2 लाख से ऊपर बकाया चल रहा है। जमा नहीं करने पर आरसी कट जाएगी और मुकदमा दर्ज हो जाएगा। पावर हाउस पर आकर बिल जमा कर दीजिए।
परिजन जब पावर हाउस पर बिल जमा करने गए तो उनको किसी प्रकार की छूट का लाभ नहीं दिया गया। परिजन इतना सामर्थ्यवान नहीं हैं कि वह बकाया का पूरा पैसा जमा कर सके। निराशा लिए बैरंग वापस घर लौट आए और बाद में कई अधिकारियों से इसकी गुहार लगाए, परन्तु अधिकारियों द्वारा उनकी समस्या का समाधान नहीं निकाला गया।
परिजन इस बात से काफी परेशान और अचंभित हैं कि उनकी हर महीने की बिल 16 हजार तक महीने कैसे आ रही है?। जबकि वह केवल छः एलईडी बल्ब ही जलाते हैं। गर्मी के मौसम में दो सेलिंग फैन और एक फ्रीज का इस्तेमाल ही करते हैं।
उक्त मामले का संज्ञान लेकर किसान नेता शेषनाथ यादव ने एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान करने की मांग किया है। अन्यथा वह बिजली विभाग के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने बाध्य होंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और बिजली विभाग के आला अधिकारियों की होगी।
देखना यह है कि जनपद के आला अधिकारी इस मामले पर दिलचस्पी लेते हैं या नहीं? या फिर बेलगाम बिजली विभाग इसी तरह से जाति विशेष को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाता रहेगा। और एक एक को चुनकर बलि बनाता रहेगा।