इस बार भी हाबी नजर आया कमीशन, ठगा महसूस कर रहे किसान
चन्दौली। जनपद के सदर तहसील के महारानी बाकरपुर गांव के समीप धीना माइनर मे किसानों के खेतो मे हेड से लेकर टेल तक पानी पहुंचाने के लिए सफाई का कार्य किया गया है। लेकिन माइनर मे सफाई के नाम पर ठेकेदार के द्वारा बडे पैमाने पर खानापूर्ति का मामला प्रकाश मे आया है। वहीं ज्यादातर माइनरों की खुदाई नहीं की गई है जिससे सिंचाई बाधित होगी।
किसान नेता रणविजय यादव और अखिलेश यादव गुड्डू ने आरोप लगाया है कि माइनरो मे सिचाई विभाग के जेई और ठेकेदारो की सांठगांठ से कमीशन इस बार भी हाबी नजर आया है। सफाई के नाम पर आये पैसे मे बंदरवाट किया गया। कमीशन का हिस्सा सभी टेबल तक पहुंचा है। जिससे सफाई कागजों तक सिमट तक रह गयी है।
आरोप लगाया कि सदर तहसील क्षेत्र मे जो भी नहरो व माइनरो का सफाई का ठेका हुआ है अधिकांश ठेकेदार सत्ता पक्ष से जुडे है तथा सभी ठेकेदार अपनी पहुंच लखनऊ तक का हवाला दे रहे है तथा सत्ता पक्ष के करीबी बताए जा रहे है।
क्षेत्र के किसानों का आरोप की राजनीतिक रसुख वाले ठेकेदारो के आगे ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नही हो रही है। जिससे नहरो व माइनरो की सफाई के नाम पर बस खानापुर्ती होकर कागजों तक रह गयीं है। सिचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारी नहरो व माइनरो की सफाई की कोरमपुर्ती की जानकारी होने के बाद भी सत्ता पक्ष के ठेकेदारो के आगे नतमस्तक होते नजर आ रहे है तथा अपनी आंखे बंद करने मे ही अपनी भलाई समझ रहे है।
अपने को ठगा महसूस कर रहे किसान
सिचाई विभाग के द्वारा सफाई का ठेका तो दिया गया। मगर ठेकेदारो के उपर सफाई नही करने पर कोई कार्यवाही नही कर रहा है। जिससे किसान अपने को ठगा महसुस कर रहे है क्षेत्र के किसानों का आरोप ठेकेदारो के द्वारा आगे के नहरो व माइनरो का फोटोज खिचाकर पैसो का भुगतान करा लिया जाएगा और एक बार फिर किसान अपने खेतो मे पानी पहुंचाने को लेकर सिचाई विभाग से लेकर जनपद तक चक्कर लगाते रहेगें।
नहरो मे पानी खुलते ही भ्रष्टाचार पर ढक जाएगा पर्दा
क्षेत्र के किसान नेताओं ने बताया की नहरो व माइनरो मे खानापुर्ती तथा कमीशन का मामला व शोरशराबा नहर मे पानी आते ही खत्म हो जाएगा और सरकारी पैसों का भुगतान हो जाएगा माइनरो मे अतिक्रमण बनी प्रमुख समस्या क्षेत्र के किसानों का आरोप है की बाकरपुर गांव के समीप से उत्तर दिशा से जाने वाली जमुदा गांव को जोड़ती नाली को प्रधान द्वारा पाटकर चकरोड बना दिया गया है। जिससे सैकड़ों एकड़ जमीन सिंचाई से बाधित है।अगर सिचाई विभाग के अधिकारी अतिक्रमण को मुक्त कराकर नाली बनवा देते हैं तो किसानों के हितो मे बेहतर कार्य हो जाएगा।