चंदौली के चहनिया क्षेत्र के निवासियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। 15 वर्षों से अटक कर अधर में पड़ी 20 बेड की अस्पताल परियोजना का निर्माण कार्य पुनः शुरू होने जा रहा है। शासन ने परियोजना के शेष निर्माण कार्य के लिए नई प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है, जबकि संबंधित ठेकेदार को अनुबंध के बाद अगले 12 महीनों में कार्य पूरा करने के कड़े निर्देश दिये गये हैं।
यह परियोजना वर्ष 2009-10 में चहनिया क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वीकृत की गई थी और प्रारंभिक अवधि में निर्माण कार्य शुरू भी हुआ था। लेकिन कुछ समय बाद मामला विशेष जांच दल (SIT) के संज्ञान में आने के कारण ठप पड़ गया और लंबे समय तक फाइलों में ही बंद रहा। इसी देरी ने स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव का कारण बना रहा।
रुकी परियोजना को फिर से गति देने में सकलडीहा के समाजवादी विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। विधायक ने विधानसभा समिति में लगातार इस मुद्दे को उठाया और शासन प्रशासन के समक्ष परियोजना की अनदेखी के खिलाफ आवाज उठायी। उनके हस्तक्षेप और लगातार पैरवी के बाद विभागीय स्तर पर इस पर तेजी आई और अब टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निविदाएँ भी खोली जा चुकी हैं।
शासन की नई मंजूरी और जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, कार्यदायी संस्था को अनुबंध मिलने के बाद 12 महीने के भीतर अस्पताल का निर्माण अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण की पुनः शुरुआत के साथ ही गुणवत्ता और समय सीमा दोनों पर कड़ाई से नजर रखी जाएगी।
स्थानीय लोगों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। चहनिया व आसपास के दर्जनों गांवों के निवासी बताते हैं कि अस्पताल शुरू होने पर आपातकालीन हालत में उन्हें वाराणसी या जिला मुख्यालय तक लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी, जिससे समय व पैसे दोनों की बचत होगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर बेहतर प्राथमिक और आकस्मिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता से रोगियों को सहूलियत मिलेगी।
अब क्षेत्र की निगाहें निर्माण कार्य के समय पर पूरा होने पर टिकी हैं ताकि 15 वर्षों से लंबित यह प्राथमिकता जल्द ही वास्तविकता बन सके और क्षेत्रवासियों को स्थानीय स्वास्थ्य सेवा की वह सुविधा मिल सके जिसकी वे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे थे।
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