स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गाजीपुर सीमा से सटे इस इलाके में ओवरलोड बालू लदे वाहनों का संचालन आम बात बन चुका है और आये दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिक मुनाफे के चक्कर में नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे कभी भी बड़ा और दर्दनाक हादसा घट सकता है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग से न केवल सड़कों और परिवहन व्यवस्था को नुकसान होता है, बल्कि नदी के किनारे खद्दर भी कमजोर हो रही है, जिससे पर्यावरणीय खतरा भी बढ़ रहा है।
घटना की सूचना पर स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और घटनास्थल की बचाव व जांच कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कड़े कदम उठाने की मांग जताई है — क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों के संचालन पर रोक, अवैध खनन पर नकेल और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई। इस घटना ने एक बार फिर अवैध खनन और ओवरलोडिंग को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जिम्मेदार अधिकारीयों से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
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