प्रधान संघ अध्यक्ष राजेश सिंह ने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में कराए गए पक्के कार्यों का भुगतान लंबित होने के कारण संबंधित लोगों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कार्य कराए जाने के बाद समय से भुगतान नहीं होने से ग्राम पंचायत स्तर पर कामकाज से जुड़े लोगों के सामने भी कई तरह की कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।
लंबित भुगतान के मुद्दे को लेकर प्रधान संघ की ओर से 21 सितंबर को ब्लॉक परिसर में जुटने का निर्णय लिया गया है। संघ की ओर से जारी अपील में ग्राम प्रधानों, रोजगार सेवकों और मनरेगा से जुड़े अन्य साथियों से निर्धारित समय पर पहुंचने को कहा गया है। इसके साथ ही सभी से एकजुट होकर लंबित भुगतान के निस्तारण की मांग उठाने की अपील की गई है।
प्रधान संघ अध्यक्ष राजेश सिंह ने कहा कि भुगतान का मामला किसी एक ग्राम पंचायत या व्यक्ति तक सीमित नहीं है। मनरेगा के तहत कराए गए पक्के कार्यों से जुड़े कई लोगों का भुगतान लंबित बताया जा रहा है। ऐसे में इस मुद्दे को सामूहिक रूप से अधिकारियों के सामने उठाने की जरूरत है, ताकि लंबित भुगतान का निस्तारण हो सके और संबंधित लोगों को राहत मिल सके।
संघ की ओर से कहा गया है कि 21 सितंबर को दोपहर 12 बजे धानापुर ब्लॉक परिसर में प्रधान, रोजगार सेवक और मनरेगा से जुड़े अन्य लोग एकत्र होंगे। इस दौरान अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा जाएगा। प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक परिसर में तालाबंदी किए जाने की भी घोषणा की गई है।
प्रधानों और रोजगार सेवकों के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर भी नजर बनी हुई है। प्रदर्शन के दौरान संबंधित लोग लंबित भुगतान से जुड़ी अपनी समस्याओं और मांगों को अधिकारियों के सामने रखेंगे। प्रधान संघ ने सभी साथियों से कार्यक्रम में समय से पहुंचने और अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है।
मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों में ग्राम प्रधानों और रोजगार सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में भुगतान से संबंधित समस्याओं के निस्तारण को लेकर संबंधित पक्षों की ओर से लगातार मांग उठाई जा रही है। अब 21 सितंबर को होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन के जरिए प्रधान संघ इस मुद्दे को प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से रखने की तैयारी में है।
प्रधान संघ का कहना है कि उनकी मुख्य मांग लंबित भुगतान का शीघ्र निस्तारण है। संघ ने इसे सभी संबंधित लोगों के अधिकार और सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए एकजुटता के साथ कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया है।