चंदौली जिले के सकलडीहा पीजी कॉलेज, सकलडीहा में गुरुवार को कुलपति, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, वाराणसी के निर्देश पर 501 दीप प्रज्वलित किए गए। संकल्प के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अंत्योदय के संकल्प का स्मरण कराया गया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. अभय कुमार वर्मा ने कहा कि जलते दीप स्वाभिमान और आत्मगौरव के जागरण के प्रतीक हैं तथा यह अवसर एकता और समरसता का संदेश देता है।

कार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों के साथ महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। दीप प्रज्वलन के माध्यम से संकल्प के 25 वर्षों की यात्रा को स्मरण किया गया।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. अभय कुमार वर्मा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि संकल्प के तहत जलाए गए दीपों का मुख्य उद्देश्य अंत्योदय के संकल्प का स्मरण करना है। उन्होंने कहा कि प्रज्वलित दीप स्वाभिमान और आत्मगौरव के जागरण का प्रतीक हैं। उन्होंने इस अवसर को एकता और समरसता का संदेश देने वाला बताया।

उन्होंने कहा कि देश में विश्व शिल्पी भगवान विश्वकर्मा का प्राकट्य उत्सव भी मनाया जा रहा है। ऐसे अवसर पर दीप प्रज्वलन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का भाव और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को प्रज्वलित करने का प्रयास किया गया।

डॉ. अभय कुमार वर्मा ने कहा कि सभी को जलाए गए दीपों को साक्षी मानकर बीते 25 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव मनाना चाहिए। साथ ही आने वाले 25 वर्षों के लिए शिक्षा, सेवा और संस्कार से जुड़े नए संकल्पों को पूरा करने की दिशा में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ना चाहिए।

राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. योगेंद्र तिवारी ने कहा कि ये दीप केवल मिट्टी के दीप नहीं हैं, बल्कि 25 वर्षों की साधना, सेवा और संकल्प के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ये दीप अंत्योदय से आत्मनिर्भर भारत तक की यात्रा को रोशन करने वाले संकल्प का प्रतीक हैं।

कार्यक्रम के दौरान 501 दीप प्रज्वलित किए गए। इस अवसर पर श्री अतुल कुमार पांडेय, श्री विनय कुमार, श्री धर्मेंद्र यादव, श्री राजेश यादव, श्री गोविंद, श्रीमती दीपा सहित अधिकांश प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।