बैठक में रामनगर औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 में बिजली के तारों की स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बताया गया कि सीसी रोड का निर्माण होने के बाद सड़क का स्तर ऊंचा हो गया है, जबकि बिजली के तार अपेक्षाकृत नीचे रह गए हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम को यूपीसीडा के अधिकारियों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी करने को कहा।
इसके अलावा रामनगर औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 के मुख्य मार्ग और अलीनगर-सिधीताली-जोगवा-नरायनपुर मार्ग के चौड़ीकरण का मामला भी बैठक में रखा गया। करीब 1.5 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 1503.05 लाख रुपये की लागत प्रस्तावित है। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के साथ समन्वय करते हुए शासन स्तर से स्वीकृति की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
औद्योगिक क्षेत्र के पार्कों में जलजमाव और रखरखाव की समस्या पर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने यूपीसीडा को औद्योगिक क्षेत्र के आठ पार्कों की प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने और प्रस्तावित कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य पार्कों में जलनिकासी, साफ-सफाई और आवश्यक रखरखाव से जुड़ी समस्याओं का व्यवस्थित समाधान करना है।
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कहा कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए उद्यमियों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण जरूरी है। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने पर जोर देते हुए कहा कि बिजली, सड़क और औद्योगिक क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अगली बैठक से पहले सभी लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिन मामलों में शासन स्तर से स्वीकृति या अन्य विभागों के समन्वय की आवश्यकता है, उनमें संबंधित अधिकारी समय रहते कार्रवाई पूरी करें, ताकि औद्योगिक क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा सके।