तकनीकी शिक्षा के साथ कौशल और अनुशासन जरूरी : प्राचार्य अजीत कुमार

चंदौली। धानापुर क्षेत्र के आवाजापुर स्थित हिंद प्राइवेट आईटीआई कॉलेज में गुरुवार को बाबा विश्वकर्मा पूजा वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धा के साथ विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर मनाया गया। इस दौरान भगवान विश्वकर्मा के शिल्प, निर्माण और तकनीकी कौशल से जुड़े कृत्यों को स्मरण करते हुए छात्र-छात्राओं को मेहनत, लगन और तकनीकी दक्षता के साथ अपने हुनर को निखारने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य ई. अजीत कुमार, इंस्ट्रक्टरों सहित पचासों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

फोटो: आवाजापुर स्थित हिंद प्राइवेट आईटीआई कॉलेज में भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना करते प्राचार्य, इंस्ट्रक्टर एवं छात्र-छात्राएं।

छात्रों को संबोधित करते हुए प्राचार्य ई. अजीत कुमार ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा शिल्प, निर्माण और तकनीकी कौशल के प्रतीक हैं। विद्यार्थियों को उनके कृत्यों से प्रेरणा लेकर तकनीकी शिक्षा के साथ अपने कौशल, अनुशासन और कार्य के प्रति समर्पण को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से दक्ष और मेहनती युवा रोजगार के साथ स्वरोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

इस अवसर पर कॉलेज परिसर में सुबह से ही उत्साह का माहौल रहा। कॉलेज प्रांगण को विभिन्न रंगोलियों गुब्बारे और कला कृतियों से सजाया गया था, जो आकर्षण का केंद्र बना रहा।पूजा को लेकर कॉलेज में विशेष तैयारियां की गई थीं। निर्धारित समय पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना शुरू हुई। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने श्रद्धापूर्वक पूजा में हिस्सा लिया और संस्थान की प्रगति तथा सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

आईटीआई कॉलेज में विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व रहा, क्योंकि यहां छात्र-छात्राएं विभिन्न तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने व्यावहारिक कौशल को विकसित करते हैं। मशीनों, उपकरणों और तकनीकी कार्यों से सीधे जुड़े विद्यार्थियों ने विश्वकर्मा पूजा के माध्यम से तकनीकी ज्ञान और श्रम के महत्व को समझने का प्रयास किया।

कार्यक्रम के दौरान भगवान विश्वकर्मा के शिल्प और निर्माण से जुड़े कृत्यों का स्मरण किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए केवल प्रशिक्षण प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सीखे गए कौशल का लगातार अभ्यास और उसका सही दिशा में उपयोग भी जरूरी है। विद्यार्थियों ने अपने तकनीकी ज्ञान को और बेहतर बनाने तथा भविष्य में अपने हुनर के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया।

प्राचार्य ई. अजीत कुमार ने विद्यार्थियों से कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। उद्योग, निर्माण, मशीनरी और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के विभिन्न अवसर उपलब्ध होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक तकनीकी बारीकी को गंभीरता से सीखने और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि किसी भी तकनीकी कार्य में सफलता के लिए मेहनत और अनुशासन बेहद जरूरी है। विद्यार्थी यदि अपने प्रशिक्षण के दौरान नियमित अभ्यास करें और अपने कौशल को लगातार विकसित करते रहें तो वे भविष्य में रोजगार प्राप्त करने के साथ अपना स्वयं का काम भी शुरू कर सकते हैं। इससे वे आत्मनिर्भर बनने के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।

विश्वकर्मा पूजा के दौरान कॉलेज परिसर में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। छात्र-छात्राओं ने पूजा-अर्चना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूजा संपन्न होने के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में इंस्ट्रक्टर राजेंद्र, आनंद प्रकाश मौर्य, जमुना प्रसाद प्रज्ञांशु, अंजली कुमारी, सुषमा सरोज, दीपिका, विशाल, अमन मौर्य, राजन मौर्य, अजय तिवारी, अभय, विकास यादव, सूरज कुमार, जैन कुमार भारती, तरंग निषाद, आकाश कुमार, श्रेयांशी और प्रियंका सहित पचासों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कॉलेज में आयोजित विश्वकर्मा पूजा के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ मेहनत, अनुशासन, जिम्मेदारी और कार्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को अपने प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और तकनीकी क्षेत्र में बेहतर भविष्य बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने भगवान विश्वकर्मा का स्मरण करते हुए संस्थान, शिक्षक और विद्यार्थियों की उन्नति की कामना की। श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में विश्वकर्मा पूजा कार्यक्रम संपन्न हुआ।