सैयदराजा (चंदौली)। विकासखंड बरहनी के ग्राम सभा नेवादा में रविवार की अपराह्न बिंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहित किए जाने के विरोध में सैकड़ों किसान सड़क पर उतर आए। तेजोपुर से शुरू हुई किसानों की पदयात्रा प्रीतमपुर और खरखोली होते हुए नेवादा पहुंची, जहां जन चौपाल लगाकर किसानों ने घंटों धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने कृषि योग्य उपजाऊ जमीन के अधिग्रहण का विरोध करते हुए सरकार से इसे तत्काल रोकने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
रविवार को बरहनी क्षेत्र के विभिन्न गांवों से किसान बड़ी संख्या में तेजोपुर में जुटे। यहां से किसानों ने पदयात्रा शुरू की। हाथों में नारे और अपनी मांगों को लेकर किसान गांवों से होते हुए आगे बढ़े। पदयात्रा प्रीतमपुर और खरखोली होते हुए ग्राम सभा नेवादा पहुंची। इस दौरान किसानों ने बिंध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध में नारेबाजी की।
नेवादा पहुंचने के बाद पदयात्रा जन चौपाल में परिवर्तित हो गई। यहां किसानों ने घंटों धरना देकर प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे के लिए कृषि योग्य भूमि के अधिग्रहण का विरोध किया। जन चौपाल में वक्ताओं ने कहा कि किसानों की जमीन उनकी आजीविका का प्रमुख आधार है। ऐसे में उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण से किसानों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।
वक्ताओं ने बिंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित की जा रही कृषि योग्य उपजाऊ भूमि को लेकर कड़ा विरोध जताया और सरकार से किसानों के हित में निर्णय लेने की मांग की। किसानों ने कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर उनकी उपजाऊ जमीन लिए जाने को लेकर वे अपनी आवाज लगातार उठाते रहेंगे।
धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि यदि भारत सरकार द्वारा बिंध्य एक्सप्रेस-वे से संबंधित इस मामले में किसानों की मांग पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। किसानों ने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा अधिक से अधिक किसानों को इसमें शामिल किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान किसानों में काफी आक्रोश नजर आया। किसानों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। ‘बिंध्य एक्सप्रेस-वे वापस लो-वापस लो’ और ‘जो किसानों के हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा’ जैसे नारे लगाए गए।
किसानों का कहना था कि वे क्षेत्र के विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन कृषि पर निर्भर किसानों की उपजाऊ जमीन के अधिग्रहण को लेकर उनकी चिंताएं दूर की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से पूरे मामले पर किसानों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
इस दौरान तेजोपुर, महमदपुर, बरठी कमरौर, परेवा, सुन्डेहरा, नेवादा, परसिया, सोगाई सहित दर्जनों गांवों के किसान शामिल रहे। पदयात्रा में बड़ी संख्या में किसानों के शामिल होने से क्षेत्र में आंदोलन को लेकर चर्चा तेज रही।
कार्यक्रम में आलोक सिंह परेवा, विद्या विनय शंकर कुशवाहा नेवादा, चंद्रिका नेवादा, जोखन नेवादा, वीरेंद्र मास्टर फत्तेपुर कलां, गुरदयाल यादव खेदाई नरायनपुर, बाबूलाल यादव तेजोपुर, शमशेर चौहान सुन्डेहरा सहित दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता अशोक सिंह परेवा ने की। वहीं रामनारायण यादव नेवादा एवं संतोष यादव खेदाई नरायनपुर ने संयुक्त रूप से संचालन किया। किसानों ने कहा कि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।
किसानों के इस प्रदर्शन से बिंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर क्षेत्र में विरोध के स्वर तेज होते दिखाई दिए। किसानों ने एकजुट होकर सरकार से कृषि योग्य उपजाऊ जमीन के अधिग्रहण को रोकने और किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग उठाई।
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