गांधी जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष विधिक जागरूकता अभियान के तहत दोनों विद्यालयों में छात्राओं को कानून की जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती एकता सिंह, सिविल जज जूनियर डिवीजन चंदौली नवनीत कुमार और सिविल जज जूनियर डिवीजन चकिया विजय रतन गौतम के साथ पैरा लीगल वालंटियर्स (पीएलवी) उपस्थित रहे।
पॉक्सो कानून के प्रावधानों की दी जानकारी
शिविर में छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रमुख प्रावधानों के बारे में बताया गया। उन्हें बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने वाले कानूनी प्रावधानों और किसी भी विषम परिस्थिति में उपलब्ध सहायता के बारे में जागरूक किया गया। छात्राओं से कहा गया कि वे किसी असुरक्षित स्थिति को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर संबंधित सहायता तंत्र का इस्तेमाल करें।
महिला और बाल अधिकारों पर जोर
कार्यक्रम में महिला एवं बाल अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी चर्चा की गई। छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी समस्या की स्थिति में उचित माध्यम से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता के संबंध में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि पात्र लोगों को न्यायिक प्रक्रिया में आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए विधिक सेवा व्यवस्था संचालित है।
इसके अलावा महिला कल्याण विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा आपातकालीन हेल्पलाइन के बारे में भी छात्राओं को बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि विषम परिस्थितियों में जानकारी और समय पर सहायता मिलने से बालिकाएं अपने अधिकारों की रक्षा के लिए उचित कदम उठा सकती हैं।
1 अक्टूबर तक चलेगा पहला चरण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का विशेष अभियान 25 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक पहले चरण में चलेगा। इसके बाद 2 अक्टूबर 2026 से दूसरे चरण का अभियान प्रस्तावित है। अभियान के माध्यम से विद्यालयों सहित विभिन्न स्थानों पर लोगों को कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता व्यवस्था के प्रति जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं, समस्त स्टाफ तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारियों का सहयोग रहा।