पिछले एक सप्ताह से साफ सफाई अभियान में जुटे ब्लॉक कर्मी
डाला छठ और देव दिवाली महापर्व को लेकर कस्बावासियों में बेचैनी
सकलडीहा (चन्दौली) आस्था का केंद्र सैकड़ों वर्ष प्राचीन शिव सरोवर में पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से बीते दिनों सीवर का गंदा पानी बहाए जाने से लोगों में नाराजगी है। दुर्गा पूजा सेवा समिति के विरोध के बाद भी प्रशासन द्वारा मूर्ति का विसर्जन करा दिया गया है। दूषित और दुर्गंध वाले पानी को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया। पिछले एक सप्ताह से पानी निकासी की व्यवस्था करायी जा रही है। इसके बाद भी सरोवर चारो ओर से गंदगी के अंबार से पटा हुआ है। देव दिवाली और डाला छठ महापर्व को लेकर लोगों में बेचैनी है। शीध्र ही समस्या का निदान कराने की मांग किया है।
मुख्यमंत्री पयर्टन सवंर्धन योजना के तहत चयनित कस्बा की प्राचीन शिव सरोवर व मंदिर आस्था का केन्द्र है। मंदिर के पास प्राचीन दुर्गा मंदिर, संतोषी माता का मंदिर ,भगवान भोलेनाथ का मंदिर, हनुमान और राधा कृष्ण का मंदिर व गायत्री परिवार का कथा स्थल है। मंदिर के समीप सैकड़ों वर्ष पुराना प्राचीन शिव सरोवर है। जहां सुबह शाम महिलायें पूजा अर्चना के साथ उक्त सरोवर पर छठ पूजा,देव दिवाली,गायत्री परिवार की ओर से भक्ति संध्या कार्यक्रम किया जाता है। इसके अलावा अन्य धार्मिक कार्य होता रहता है।
बीते दिनों पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा शिविर का बदबूदार दूषित पानी ईंजन लगाकर पाइप से सरोवर में बहा दिया गया। इसी दूषित पानी में विरोध के बाबजूद दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन करा दिया गया। सरोवर से चारों ओर उठ रहे बदबू और दूषित जल को लेकर ग्रामीणों ने विरोध शुरू किया। अधिकारियों के निर्देश पर बीते एक सप्ताह से दूषित जल निकासी करायी जा रही है। इसके बाद भी सरोवर के चारों ओर कूड़ा करकट का अंबार लगा हुआ है।
कस्बावासी सरोवर को शीध्र साफ व स्वच्छ बनाते हुए नया पानी डालने की मांग किया है। उधर बीडीओ केके सिंह ने बताया कि दूषित पानी निकासी के लिये दो इंजन लगाया गया है। पानी निकासी के बाद पुन: पानी डालने की व्यवस्था कराया गया है। इसके पूर्व सरोवर को पूर्ण रूप से साफ सफाई कराया जायेगा।
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