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बीएचयू आईआईटी गैंगरेप मामला : भाजपा को अपनी गिरेबान में झांकना चाहिए-माले

लखनऊ l 31 दिसंबर। भाकपा (माले) ने गत एक नवंबर को हुए बीएचयू-आईआईटी गैंगरेप मामले में तीनों आरोपियों की बीती रात हुई गिरफ्तारी और उनमें से दो के बीजेपी के आईटी सेल से जुड़े होने पर कहा है कि भाजपा को अपनी गिरेबान में झांकना चाहिए।

माले की राज्य इकाई ने रविवार को जारी बयान में कहा कि खबरों के अनुसार, आरोपियों में से एक (कुणाल पांडेय) बीजेपी आईटी सेल वाराणसी का महानगर संयोजक, जबकि दूसरा (सक्षम पटेल) सेल का महानगर सहसंयोजक है। गैंगरेप व छात्रा का नग्न वीडियो बनाने का तीसरा आरोपी आनंद उर्फ अभिषेक चौहान है।

माले ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी से जुड़े होने के कारण इनकी गिरफ्तारी में दो माह लग गए। पुलिस इनपर हाथ डालने से बचती रही। गिरफ्तारी के लिए बीएचयू के छात्र-छात्राओं ने बड़े आंदोलन न किये होते, तो शासक पार्टी से संबंधित होने के चलते मामला रफा-दफा कर दिया जाता। अन्ततः छात्र आंदोलन का दबाव काम आया। पार्टी ने अभियुक्तों को कड़ी सजा की मांग की है।

माले ने कहा कि इनकी गिरफ्तारी से भाजपा का चाल, चरित्र व चेहरा एक बार फिर उजागर हुआ है। भाजपा सांसद बृजभूषण महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न में न्यायालय में आरोपित हैं। दुद्धी भाजपा विधायक (अब पूर्व) रामदुलार गोंड़ को नाबालिग से रेप मामले में 25 साल जेल की सजा मिली है। अब बीएचयू-आईआईटी रेप कांड में भी जुड़ाव भाजपा से निकला है। ऐसे में भाजपा को अपनी कथनी और करनी पर नजर डालने के लिए अपनी गिरेबान में झांकना चाहिए।

माले ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बीएचयू गेट पर चले आंदोलन के दौरान संघ-भाजपा से जुड़े एबीवीपी के गुंडों ने आइसा-बीसीएम के छात्रों पर हमला किया था। ऐसा करते हुए वे अपने ही परिवार के आरोपियों की हिमायत कर रहे थे। अब अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद सब कुछ साफ हो चुका है, लिहाजा आइसा-बीसीएम के छात्रों पर दर्ज मुकदमे भी वापस होने चाहिए और हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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