रिपोर्ट ! संजय कुमार दिनकर
चंदौली l क्षेत्र के शंकर मोड़ स्थित एक लॉन में शुक्रवार को दोपहर 3:30बजे संत गॉडगे की 148वीं जयंती सर्वप्रथम मुख्य अतिथि डॉ कमल कुमार ( पूर्व अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उ0प्र0) द्वारा उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर हर्षोल्लास के साथ मनाई गयी l वहीं वक्ताओं द्वारा समाज में व्याप्त अन्धविश्वासों, बाह्य आडम्बरों, रूढ़ियों तथा सामाजिक कुरीतियों, एवं दुर्व्यसनो से हुई भयंकर हानि पर संत गाडगे द्वारा किये गये घोर विरोध एवं प्रबलता, मानवता के मूर्तिमान आदर्शो को विस्तार से साझा करते हुए रोटी कपड़ा और मकान, स्वास्थ्य शिक्षा और सम्मान पर संबल प्रदान करते हुए संविधान सुरक्षा, पिछड़े समाज को एक मंच पर संगठित होने और आगामी लोक सभा चुनाव में सत्ता शासन अपने हाथों में लेने का आवाहन किया गया l मिशन गायक पप्पू राजा ने संत गाडगे के गीतों से सबको भाव विभोर कर दिया l
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ कुमार ने संत गाडगे के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाराष्ट्र के अमरावती जिले के शेणगांव अंजनगांव में 23 फरवरी 1876 को जन्मे संत गाडगे सच्चे निष्काम कर्मयोगी थे। वे फ़टे पुराने चादर लपेटकर,मिट्टी के बर्तन में भोजन करके, कीर्तन भजन में डफली बजाकर अपने लिए एक कुटिया भी नहीं बनाने,किसी वृक्ष के नीचे ही अपनी सारी जिंदगी गुजार देने वाले महान शख्शियस ने भीख मांग-मांगकर महाराष्ट्र के कोने-कोने में अनेक धर्मशालाएं, गौशालाएं, विद्यालय, चिकित्सालय तथा छात्रावासों का निर्माण कराया l
उनका विश्वास था कि ईश्वर न तो तीर्थस्थानों में है और न मंदिरों में न मूर्तियों में है,दरिद्र नारायण के रूप में ईश्वर मानव समाज में विद्यमान है। दीन-दुखियों तथा उपेक्षितों की सेवा को ही वे ईश्वर भक्ति मानते थे।उन्होंने 12 बड़ी-बड़ी धर्मशालाएं इसीलिए स्थापित की थीं ताकि गरीब यात्रियों को वहां मुफ्त में ठहरने का स्थान मिल सके।
वक्ता डॉ अनिल कुमार चौधरी(प्रो0समाज कार्य विभाग म.गां.का.विद्यापीठ वाराणसी ने कहा जिसके जिंदगी में जिल्लत नहीं मिला, परेशानी नहीं झेला वो जीने का अनुभव क्या समझे, जिसने झेला वह सर्व समाज को शिक्षित बनाने के लिए सर्व सुविधा दिया l आज समाज सर्व सुविधा युक्त होने के बाद भी पिछड़े समाज के लिए कुछ नहीं कर रहा है, दुःख इस बात की है l
वहीं अर्जुन प्रसाद आर्या ने कहा दबे कुचले, पिछड़े समाज की झोपडी में शिक्षा रूपी ज्ञान का प्रकाश पहुंचाकर,उनकी सुविधाओ का ख्याल रखकर, उनको मुख्य धारा में जोड़ने का सामूहिक प्रयास ही संत महात्माओं की सच्ची जयंती है,जिसको लार्ड बुद्धा डॉ अम्बेडकर सेवा समिति के बैनर तले पूरा करने का लगातार प्रयास जारी है उनके मिशन को बढाकर राष्ट्र को प्रगति पर लाने और भारत को पुनः विश्व पटल पर स्थापित करने का अभियान अनवरत चलता रहेगा l
इस दौरान लल्लन कुमार, विजय कृष्णा,रमेश कुमार,गणेश कुमार, फूलचंद,नन्द किशोर कनौजिया, डॉ अनिल कुमार,रामदुलार कनौजिया, त्रिलोकी नाथ गौतम,अभिमन, श्रीराम कनौजिया, प्रसाद,शिवकुमार पासवान, राधेश्याम, निरंजन कनौजिया, अरुण कुमार, डॉ संजय कनौजिया ,कन्हैया कुमार, लालता प्रसाद ,गोपाल कनौजिया सहित उपस्थित अन्य ने समाज को संबल प्रदान किया l
अध्यक्षता शिवचरण बाबू और संचालन मृतुन्जय कनौजिया एवं रामहरख चौधरी ने किया
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