कोयला व्यवसाई -विश्व हिन्दू परिषद के कोषाध्यक्ष का अपहरण ,कोयला मंडी का गोलीकांड रहा चर्चा में
तत्कालीन डिप्टी एसपी से मुख्तार में ठनी
चन्दौली,
डीडीयू नगर। पूर्वांचल का माफिया डान मुख़्तार अंसारी का अपराधिक इतिहास
मुगलसराय, चंदौली से काफी पुराना रहा है।सन 1990 में कोयला चंधासी मंडी से रंगदारी टैक्स को लेकर डिप्टी मेयर अनिल सिंह व मुख्तार अंसारी के बीच गोलीबारी हुआ था।सन 1993 में जीटीआर ब्रिज के पास पहले एक अंग्रेजी शराब ठेका के पास एक पुलिस कर्मी की गोली मारकर हत्या कर दिया गया था। जिसमें दूसरा सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना के बाद वह करने रेलवे यार्ड में कूद कर भाग गया था। उसके बाद से मुख़्तार अंसारी चंदौली में नहीं आया।
चंधासी कोयला मंडी के बड़े व्यापारी का अपहरण कांड हो गया। चंदौली निवासी एक डिप्टी मेयर एसपी सेवा के हथियार को लेकर दोनों के बीच ठन गया था जिसके परिणाम स्वरूप डिप्टी एसपी को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।1991 में मुख़्तार अंसारी वाहनों के काफिले के साथ नगर में पहुंचा था। तीन चार वाहनों में मुख़्तार के गुर्गे सवार थे।
जीटीआर ब्रिज के समीप स्थित शराब की दुकान से मुख़्तार के एक गुर्गे ने पांच छह बोतलें शराब खरीदी। इसी बीच तत्कालीन कोतवाल एनके जनवार पुलिस जीप के साथ पहुंचे। मुख़्तार के काफिले को देख कर ललकारते हुए मुख़्तार को कोतवाली चलने को कहा। इस पर मुख़्तार अंसारी अपने वाहन से उतरा और पुलिस जीप के पास पहुंचा। वह जीप में न बैठकर पिस्टल निकाली और पुलिस कर्मियों पर फायर कर दिया।
इस हमले से अफरा तफरी मच गई। ज़ब तक पुलिस वाले जवाबी फायर किया । तभी मुख़्तार पैदल ही रेलवे यार्ड में भाग गया। गोली लगने से एक सिपाही की मौत हो गया था। जबकि दूसरा सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया।घटना के बाद गया कॉलोनी मानस नगर होते हुए अलीनगर पहुंचा और एक मकान में छिपा रहा।
बाद में ट्रेन से सासाराम चला गया। घटना के बाद तत्कालीन एसपी वाराणसी कर्मवीर सिंह ने मामले की जांच पड़ताल की। हालांकि इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया लेकिन मुख़्तार को पनाह देने के मामले का खुलासा नहीं हो पाया। वहीं चंदौली कोयला मंडी में रंगदारी को लेकर दो माफियाओं के भी जमकर गोलीबारी हुआ घटना के बाद एक माफिया रामनगर के रास्ते भाग गया ।
जबकि डिप्टी मेयर अनिल सिंह को जीटीआर ब्रिज पर तत्कालीन एसपीआरओ लालजी शुक्ल ने पकड़ लिया।22 जनवरी 1997 में चंधासी कोयला मंडी के बड़े व्यापारी व विश्व हिंदू परिषद के कोषाध्यक्ष नंदकिशोर रुंगटा का वाराणसी स्थित जवाहर नगर के आवास से अपहरण कर लिया गया। जिसमें सीबीआई जांच भी हुआ था। उसे दौरान अपहरण के नाम पर पांच करोड रुपए की वसूली भी हुआ था। इसके बाद भी आज तक नंदकिशोर रुंगटा का पता नहीं चल सका।
जनवरी 2004 में चंदौली निवासी शैलेन्द्र सिंह डिप्टी एसपी वाराणसी में रहे।जो एसटीएफ के प्रभारी रहे। इस दौरान मुख्तार अंसारी को सेना के चोरी के हथियार खरीदने के आरोप में पकड़ा था। जिन्हें राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण उन्हें छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। शैलेंद्र सिंह ने पोटा सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। तभी से डिप्टी एसपी व मुख्तार में ठन गया।
मुख्तार अंसारी 1996 में बसपा से विधायक हुए। उसके बाद 2002,2007 निर्दल विधायक चुने गए।2012 में अपनी पार्टी बना कर विधायक का चुनाव जीता।
2017 में पुनः बसपा के टिकट पर पांचवीं बार विधायक बन गया।
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