Hot Posts

6/recent/ticker-posts

डॉ अंबेडकर की विरासत पर राज करने वाला भी उन्ही पर उठा रहा अंगुली: अर्जून आर्या

चन्दौली,
चकिया। क्षेत्र के बीकापुर गांव में भारतीय संविधान के शिल्पकार, आधुनिक भारतीय चिंतक, समाज सुधारक एवं भारत रत्न से सम्मानित बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर के 133वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य पर बुधवार को विश्व ज्ञान दिवस के रुप मे हर्षोल्लास से मनाया गया। महंत आचार्य राजेंद्र प्रसाद व मुख्य अतिथि अर्जुन आर्या द्वारा डॉ. अंबेडकर, तथागत बुद्ध और संत रैदास के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। वहीं भोजपूरी विरहा गायक ओमप्रकाश दीवाना और सरोज त्यागी ने पूरी रात अपने गीतों से लोगों का मन मोहे रखा।

फोटो: बीकापुर चकिया में अंबेडकर जयंती पर लोगों को संबोधित करते हुए अर्जुन प्रसाद आर्या 

मुख्य अतिथि लॉर्ड बुद्धा डॉ.अंबेडकर सेवा समिति के प्रांतीय अध्यक्ष अर्जून प्रसाद आर्या ने कहा कि डॉ. अंबेडकर को प्रारंभिक जीवन में ही जातिगत भेदभाव की कठोर वास्तविकताओं का सामना करना पड़ा। बचपन में सामाजिक बहिष्कार और अपमान का सामना करने के उनके अनुभव ने उनमें जाति व्यवस्था के अन्याय के खिलाफ लड़ने का गहरा संकल्प पैदा कर दिया और उसे पटल पर लाने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर हम सबको अमन चैन का जीवन दिया। उन्होंने वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इनकी बनाई विरासत पर राज करने वाले भी इन्ही पर आज अंगूली उठाने लगे हैं । देश को धन्नासेठों के हाथों में सौंपकर मनमाने ढंग से संविधान को बर्बाद करने पर तुले हैं। डॉ अंबेडकर को जिन्दा रखने के लिए मौजूदा सरकार को सत्ता से बेदखल करना जरुरी है।



विशिष्ट अतिथि रामकृत ऐडवोकेट , रामजन्म बागी और लल्लन कुमार ने कहा कि भारत के सभी नागरिकों के लिए न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सुनिश्चित करने वाले डॉ.अंबेडकर का यह पिढ़िया और राष्ट्र सदैव आभारी रहेगा। उन्होंने लंदन में गोलमेज सम्मेलनों में दलितों के प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया, और दलितों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए उनके लिए अलग निर्वाचन क्षेत्रों की वकालत की। बाबासाहेब के प्रयासों का परिणाम 1932 के पूना पैक्ट के रूप में सामने आया, जिसने आम निर्वाचन क्षेत्रों में दलितों के लिए आरक्षित सीटों का प्रावधान किया।

इस दौरान आनन्द कुमार, बीरेंद्र कुमार,श्यामबिहारी, राजनाथ , राजाराम प्रधान, खरपत राम, विनोद कुमार, विनय कुमार, संजय, धनेश्वर गौतम, सोनू, विनोद कोटेदार, मिठाई लाल, राजकुमार सहित अन्य लोगों ने कार्यक्रम को सम्बल प्रदान किया।
अध्यक्षता बालकरन और संचालन विनोद कुमार त्यागी ने किया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ