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अनशनरत डॉक्टर को हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष पद से हटाना निन्दनीय,उत्पीड़न की कार्रवाई व उपेक्षा बंद हो: माले

पार्टी डॉ ओम शंकर के आमरण अनशन के समर्थन में जन गोलबंदी करेगी

26-27 मई को पूर्वांचल स्तरीय आंदोलन

लखनऊ। गरीब मरीजों को बीएचयू के अस्पताल में बेड दिलाने, भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और जनता के स्वास्थ्य के अधिकार की रक्षा के लिए हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ ओम शंकर द्वारा संस्थान में चलाए जा रहे आमरण अनशन के समर्थन में भाकपा (माले) जन गोलबंदी करेगी। पार्टी ने 26-27 मई को दो दिवसीय पूर्वांचल स्तरीय आंदोलन करने का ऐलान किया है।


फोटो : भाकपा माले व जनसंगठनों के प्रतिनिधि डॉ ओम शंकर से भेंटकर समर्थन पत्र देते हुए

 
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने शनिवार को जारी बयान में डॉ ओम शंकर को बीएचयू अस्पताल के हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष पद से बर्खास्त करने की कड़ी निंदा की। माले नेता ने इसे प्रधानमंत्री के चुनाव क्षेत्र में उत्पीड़न की जनविरोधी कार्रवाई बताते हुए कहा कि कार्डियोलॉजी के जानेमाने डॉक्टर ओम शंकर गत 15 दिनों से अस्पताल के चेम्बर में अनशन पर रहते हुए भी सामान्य दिनों की तरह लगातार मरीज देखते रहे हैं और अब भी इलाज कर रहे हैं। 

 
उनके अनशन से मरीजों के इलाज व ऑपरेशन में कोई बाधा नहीं पहुंची है। वे अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए जनस्वास्थ्य के हित में प्रशासन की तानाशाही व भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उनके प्रति जनसमर्थन भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में पूर्वांचल के इस महत्वपूर्ण अस्पताल में उन्हें विभाग के अध्यक्ष पद से बर्खास्त करना भाजपा सरकार की बौखलाहट को ही दिखाता है।


राज्य सचिव ने कहा कि भाकपा (माले) और जनसंगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को डॉ ओम शंकर से बीएचयू अस्पताल में जाकर मुलाकात की और उन्हें पार्टी का समर्थन पत्र दिया। नेताओं ने अनशनरत डॉक्टर द्वारा उठाये जा रहे मुद्दों को व्यापक जनता के बीच ले जाने का संकल्प भी व्यक्त किया। 


राज्य सचिव ने कहा कि पूर्वांचल की अधिकांश सीटों पर लोकसभा चुनाव का मतदान अंतिम दौर में एक जून को होना है। उसके पहले भाकपा (माले) डॉक्टर ओम शंकर के आमरण अनशन एवं उनकी मांगों के प्रति पीएमओ व सरकार की उपेक्षा और गरीब-विरोधी रुख को भाजपा व एनडीए के खिलाफ मुद्दा बनाएगा।

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