प्रधान से लेकर सचिव और क्षेत्र पंचायत प्रमुख पर लगाई मनमानी का आरोप
चंदौली,
सकलडीहा, विकास खण्ड कार्यालय पर मंगलवार को दर्जनों मनरेगा महिला मजदूरों ने सचिव , प्रधान और क्षेत्र पंचायत प्रमुख पर मनमानी का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान 100 दिन के काम की मांग उठाई। प्रदर्शनकारी महिलाओ का आरोप था कि दो साल में मात्र हमलोगों को 13 दिन ही काम मिला है। ऐसे में घर की माली हालत काफी खराब हो गई। शिकायत के बाद भी काम नही मिला। जिसपर विरोध प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ा है।ब्लाक पर मनरेगा महिला बीडीओ ने डिमांड के आधार पर काम देने का आश्वासन दिया।
बता दें कि शासन ने साल के 365 दिन मे 100 दिन मनरेगा मजदूरों को काम देना अनिवार्य किया है। गांव में काम न मिलने की दशा में इनको निवास स्थल से आठ किमी के दायरे में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत,ग्राम पंचायत में काम देना होगा। लेकिन विडम्बना यह है कि बलारपुर गांव की मनरेगा महिला मजदूरों को 100 दिन का काम छोड़िए दो साल में मात्र 13 दिन ही काम मिल पाया है।
इससे इनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई। घर परिवार का खर्च चलाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे नाराज दर्जनो मनरेगा महिला मजदूरों ने ब्लाक पर पहुँच प्रदर्शन किया। मनरेगा मजदूर खिताबी देवी ने कहा कि काम न मिलने से घर परिवार चलाना काफी मुश्किल हो गया है।
वही निर्मला देवी ने कहा कि 100 दिन का काम देने का सरकार दावा करती है।लेकिन दो साल में मात्र 13 दिन ही काम दिया गया है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि सचिव प्रधान और क्षेत्र पंचायत के कार्य चिन्हित ठेकेदारों के माध्यम से कराकर मनरेगा मजदूरों के पेट पर लाठी मारा जा रहा है।
इस संबंध में बीडीओ केके सिंह ने बताया कि डिमांड के आधार पर 100 दिन का काम दिया जाएगा।अगर ग्राम पंचायत में काम नही है तो आठ किमी के दायरे में काम उपलब्ध कराया जाएगा।
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