कहा,बिजली विभाग की घोर लापरवाही से किसान आत्मदाह करने के कगार पर,16 जुलाई से दे रहे हैं धरना
चंदौली, सकलडीहा, बिजली की अघोषित कटौती और अधिकारियों की मनमानी से त्रस्त क्षेत्र के किसानों ने बीते एक सप्ताह से धानापुर में धरनारत थे। फिर भी बिजली विभाग के लापरवाह अधिकारियों की जू तक नहीं रेंगी तो धरनारत किसान 22 जुलाई को आत्मदाह करने की ठान लिए। एसडीएम के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।
सूचना पर रविवार को पहुंचे सकलडीहा एसडीएम अनुपम मिश्रा ने बिजली विभाग के एसडीओ को जमकर फटकार लगाई और तत्काल कार्रवाई के लिये जिलाधिकारी को पत्र लिखा।एसडीएम के सख्त तेवर से बिजली विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
बता दें कि गुरैनी पंप कैनाल का ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण किसानों की सिंचाई का कार्य लगभग दो हफ्ते से प्रभावित है। भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष दीनानाथ श्रीवास्तव की अध्यक्षता में किसान मन्नी पट्टी चौराहा धानापुर में मांगों के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठ गये। क्षेत्रीय विधायक से लेकर लघु डाल विभाग के अधिकारियों ने बिजली की समस्या को लेकर विद्युत विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया। बाबजूद टालमटोल किया जा रहा।
अनशन पर बैठे किसानों का जब सब्र का बांध टूट गया तो उन्होंने 22 जुलाई को आत्मदाह करने की चेतावनी तक दे दिया। बावजूद बिजली विभाग के एसडीओ ने मामले का संज्ञान नहीं लिया। जिसपर काफी नाराजगी जताते हुए एसडीएम अनुपम मिश्रा ने लघुडाल और बिजली विभाग के एसडीओ सहित किसानों को एसडीएम कार्यालय में बुलाकर बैठक लिया तो एसडीओ विद्युत द्वारा उचित जबाब नहीं देने पर जमकर लताड़ा। वहीं कार्यवाही के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा।
एसडीएम ने किसानों को एक सप्ताह के अंदर समस्या दूर कराने का आश्वासन देते हुए धरना को स्थगित कराया। इस बाबत एसडीएम अनुपम मिश्रा ने बताया कि विद्युत विभाग की लापरवाही को लेकर उच्चाधिकारी को पत्र संयुक्त रूप से लिखा गया है।
इस दौरान एक्सीईएन लघुडाल बृजेश कुमार, एसडीओ लघुडाल रत्नेश सिंह, जेई सुनील कुमार, थानाध्यक्ष बलुआ प्रशांत सिंह, किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव, रविन्द्र सिंह मुन्ना, रामअवध आदि किसान नेता मौजूद रहे।
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