अकबरनगर के उजड़े परिवारों को भी मिलना चाहिए इंसाफ
लखनऊ, 17 जुलाई। भाकपा (माले) ने कहा है प्रदेश की राजधानी के रहीमनगर, खुर्रमनगर, पंतनगर, इंद्रप्रस्थनगर व अबरारनगर पर बुल्डोजर चलाने की तैयारी को उन क्षेत्रों के नागरिकों के एकजुट संघर्षों ने विनाशकारी बुल्डोजर को पीछे धकेल दिया है।जो लखनऊ में कुकरैल किनारे रुका है.
पार्टी के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने बुधवार को जारी बयान में कहा है कि देश की जनता ने योगी के बुल्डोजर की पहिया को रोकने के लिए सड़क से संसद तक जवाब दिया है।वहीं लोकसभा से लेकर हालिया विधानसभा उपचुनावों में भाजपा को मिली शिकस्त ने भी नेतृत्व व सरकार को पुनर्विचार के लिए बाध्य किया है.
उन्होंने बताया कि जनता के इन संघर्षों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पुराने तौर-तरीकों से सरकार नहीं चलेगी। सुंदरीकरण के नाम पर गरीबों के आशियाने नहीं टूटेंगे। जनता के जीवन व आजीविका की सुरक्षा करना सरकार का कर्तव्य है।
उन्होंने आगे कहा कि पूर्व में लखनऊ के अकबरनगर के 1300 परिवारों के साथ जो नाइंसाफी हुई है, सरकार को जवाबदेही लेकर उसकी भरपाई करनी चाहिए। उनके ध्वस्त किये गए मकान, भूमि व आजीविका का मुआवजा देना चाहिए। सभी विस्थापितों का निःशुल्क व उचित पुनर्वास हो। साथ ही, वसंतकुंज (दुबग्गा) में आवंटित पीएम आवास में रह रहे विस्थापित परिवारों से लिये जा रहे किस्त को भी माफ करना चाहिए।
राज्य सचिव ने कहा कि बुल्डोजर का पहिया फिलहाल लखनऊ में कुकरैल किनारे रुका है, प्रदेश में इसे रोकने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। माले बुल्डोजर राज का शुरु से विरोध करती आ रही है और लखनऊ वासियों के संघर्षों में भी शामिल रही है।
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