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शहीद कैप्टन विजय प्रताप सिंह अमृत सरोवर जलकुंभी, झाड़ियों और गंदगी से भरा

सार्वजनिक संपत्ति बर्बाद हो रही है और सरकार की योजना का उद्देश्य विफल हो रहा है

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं  

चंदौली,धानापुर। विकास खंड के आवाजापुर गांव में शहीद कैप्टन विजय प्रताप सिंह अमृत सरोवर लाखों की लागत से बना हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण वे जलकुंभी, झाड़ियों और गंदगी से भरा हुआ हैं, जिससे लाखों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति बर्बाद हो रही है और सरकार की योजना का उद्देश्य विफल हो रहा है, जिससे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं.  

फोटो: विजय प्रताप सिंह अमृत सरोवर आवाजापुर में पसरी जलकुंभी 

निर्माण कार्य अधूरे छोड़े गए और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे सरोवर की स्थिति खराब हो गई है. सरोवर पूरी तरह से जलकुंभी और खरपतवार से भर गए हैं, जो उनकी सुंदरता और उपयोगिता को खत्म कर रहे हैं.

करोड़ों के बजट वाले प्रोजेक्ट्स उपेक्षा के कारण बर्बाद हो रहे हैं, जो जनता के पैसे का सीधा नुकसान है. सरकार का लक्ष्य जल संरक्षण और सामुदायिक उपयोग के लिए सरोवरों को विकसित करना था, जो अब पूरा नहीं हो पा रहा है. कुछ जगहों पर काम पूरा भी नहीं हुआ है, जबकि कुछ जगहें उपेक्षित पड़ी हैं. 

यह स्थिति चंदौली जनपद के कई अमृत सरोवरों में देखी जा रही है, जहां जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मिलीभगत से विकास कार्य ठप्प पड़े हैं और लाखों का निवेश व्यर्थ जा रहा है. 

किसान नेता मिथिलेश कुमार सिंह उर्फ टनमन ने गंभीर आरोप लगाया है कि आवाजापुर में बने शहीद कैप्टन विजय प्रताप सिंह अमृत सरोवर में सरकारी धन का काफी बंदरबाट हुआ है. तालाब के दक्षिण उत्तर भाग पर जीर्णोद्धार कार्य नहीं कराया गया है और उत्तर तरफ में अतिक्रमण है और नाबदान का पानी भी बहाया जा रहा है, जो पानी को और दूषित कर रहा है.

उन्होंने काफी नाराजगी जताई है और जिला प्रशासन से मांग किया है कि उक्त सरोवर की साफ सफाई समय रहते ही नहीं कराया गया तो देखते ही देखते पूरे तालाब में जलकुंभी पसर जाएगी और तालाब का पानी नहाने धोने की बजाय पशुओं को भी पीने योग्य नहीं रह पाएगा।

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