परिजनों का गुस्सा भड़क रहा, पुलिस पर सवालों का सैलाब
चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के धीना थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के रहस्यमयी अपहरण ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। घटना को 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस न तो मासूम किशोरी को बरामद कर पाई है और न ही मुख्य आरोपी को गिरफ्तार ही कर सकी। परिजनों का गुस्सा भड़क रहा है, वहीं पुलिस की कार्यशैली पर सवालों का सैलाब उमड़ पड़ा है। क्या यह महज लापरवाही है या कुछ और?
किशोरी की मां की जुबानी यह दर्दनाक कहानी शुरू होती है 1 अप्रैल की शाम से। करीब 6:30 बजे बेटी शौच के लिए घर से निकली, लेकिन फिर कभी लौट ही नहीं पाई। घंटों इंतजार के बाद परिजनों ने आसपास छानबीन की, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। आशंका जताते हुए उन्होंने गांव के ही एक युवक पर शक जताया, जो किशोरी के साथ पहले भी संदिग्ध व्यवहार करता रहा था। डर था कि आरोपी कोई अनहोनी तो नहीं कर बैठेगा। आनन-फानन में धीना थाने पहुंचे परिजनों ने तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया।
लेकिन उसके बाद की कहानी तो और भी निराशाजनक है। 15 दिनों में न कोई ब्रेकथ्रू, न कोई लीड।
परिजन घर से सड़क तक चिल्ला रहे हैं—"हमारी बेटी को लौटाओ!"
परिवार में भय का माहौल है; रातें कट रही हैं आंसुओं में, दिन गुजर रहे हैं बेचैनी में। क्या किशोरी सुरक्षित है? आरोपी ने उसे कहीं भगा लिया या फिर... यह सवाल हर किसी के मन में मचल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की सुस्ती से अपराधी बेलगाम हो रहे हैं।
थाना प्रभारी दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने सटीक संवाद चंदौली' को बताया, "मुकदमा दर्ज हो चुका है। एक विशेष टीम गठित की गई है, जो लगातार तलाश कर रही है। लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। जांच जारी है।" उनका यह बयान सुनकर परिजनों का गुस्सा और भड़क गया। वे मांग कर रहे हैं कि उच्च स्तरीय जांच हो और आरोपी को जल्द पकड़ा जाए।
यह मामला जिले में नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। क्या धीना थाना इस चुनौती का सामना कर पाएगा? परिजनों की पुकार अब प्रशासन तक पहुंच चुकी है—क्या समय रहते न्याय मिलेगा?
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