चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में अपराध की आग बुझाने का नया संकल्प लिया गया है। हाल ही में पदभार संभालने वाले पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने अपराधियों पर 'जीरो टॉलरेंस' का जोरदार ऐलान किया है। लेकिन दो सनसनीखेज हत्याओं—रोहितास पाल और राजकुमार यादव उर्फ मुट्टन यादव—के परिजन आज भी न्याय के भूखे हैं। क्या नए एसपी इन मामलों के फरार शूटरों तक पहुंच पाएंगे, या किसान नेता पिंटू पाल के तीखे सवाल अनुत्तरित रहेंगे? आइए, इन हत्याकांडों की गहराई में उतरें और तथ्यों से परतें खोलें।
रोहितास पाल हत्याकांड: जमीन विवाद की आड़ में छिपी साजिश?
18 नवंबर 2025 को मुगलसराय में दवा व्यापारी रोहितास पाल उर्फ रोमी की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। घटना जमीन विवाद से जुड़ी बताई गई, लेकिन परिजनों का दावा है कि इसमें राजनीतिक साजिश और प्रभावशाली लोगों का हाथ है। पुलिस ने तीन साजिशकर्ताओं—भानु जायसवाल, ओम प्रकाश जायसवाल और मनोज जायसवाल—को गिरफ्तार तो किया, मगर मुख्य शूटर आज भी फरार हैं।
तत्कालीन एसपी आदित्य लांग्हे ने नौ विशेष टीमें गठित कीं और 300 सीसीटीवी फुटेज के साथ तकनीकी साक्ष्यों से जांच आगे बढ़ाई। जनवरी 2026 में परिवार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की, लेकिन पुराने एसपी के कार्यकाल में मामला ठप पड़ा रहा। नतीजा? जनता में पुलिस पर अविश्वास की लहर। रोहितास के भाई ने बताया, "हमारे भाई की हत्या सिर्फ जमीन के नाम पर हुई? बड़े नामों को बचाने की कोशिश साफ दिख रही है।"
राजकुमार यादव: गैंगस्टर बने दिनदहाड़े निशाना
धानापुर थाना क्षेत्र के रायपुर गांव के 52 वर्षीय बस संचालक राजकुमार यादव उर्फ मुट्टन यादव पर 1 मई 2025 को बस स्टैंड पर बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। उनकी मौके पर मौत हो गई। मुट्टन के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे और वे स्थानीय गैंगस्टर के रूप में कुख्यात थे। उनकी तीन बसें चलती थीं, सुरक्षा में पीएसी तैनात थी—जो हटने के ठीक बाद यह वारदात हुई।
घटना के बाद ग्रामीणों ने शव रखकर चक्का जाम कर दिया। भाई उदय नारायण ने कहा, "सुरक्षा हटाना ही हत्या का संकेत था। कौन फायदा उठा रहा है?" पुलिस ने इसे गैंगवार का मामला बताया, लेकिन शूटरों का सुराग आज तक नहीं लगा। इलाके में दहशत फैल गई थी—लोग आज भी सतर्कता बरतते हैं।
नए एसपी का ऐलान: उम्मीद की किरण या खानापूर्ति?
पदभार ग्रहण करते ही आकाश पटेल ने प्रेस वार्ता में कहा, "अपराधी कितने भी बड़े हों, कानून का डंडा झुकेगा नहीं। राजकुमार और रोहितास मामलों में विशेष जांच टीम गठित हो रही है। दोषियों को सजा हमारी प्राथमिकता।" यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, लोगों ने तारीफ की। लेकिन किसान संगठन प्रमुख पिंटू पाल ने तीखा प्रहार किया: "ऐलान तो बहुत होते हैं, न्याय कब मिलेगा? अगर जल्द कार्रवाई न हुई तो सड़क पर उतरेंगे।"
पिंटू पाल का सवाल जिले की नब्ज पकड़ता है—पुरानी पुलिस की नाकामी को नया एसपी सुधार पाएंगे या नहीं? विशेषज्ञ कहते हैं, सख्ती सच्ची हुई तो अपराध दर घटी है, लेकिन इन मामलों में तेज जांच ही विश्वास बहाल करेगी।
राजनीतिक रंग और भविष्य की चुनौती
यह विवाद अब जिले की राजनीति गरमा रहा है। विपक्ष इसे सरकार पर हमला बना रहा, सत्ताधारी पक्ष एसपी के ऐलान को उपलब्धि बता रहा। परिजन आंखें बिछाए इंतजार कर रहे—क्या शूटर पकड़े जाएंगे? क्या साजिश की परतें खुलेंगी? चंदौली की सड़कें न्याय की प्रतीक्षा में सांस थामे हैं। नए एसपी की अग्निपरीक्षा शुरू हो चुकी है।
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