चंदौली के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने थाना सदर के SHO के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। कार्य में घोर लापरवाही और शिथिलता बरतने के आरोप में SHO को लाइन हाजिर कर दिया गया। यह कदम गैंगस्टर एक्ट के तहत वांछित खतरनाक अपराधियों की गिरफ्तारी में देरी को लेकर उठाया गया, जिससे आरोपी अदालत से अरेस्ट स्टे हासिल कर भागने में कामयाब हो गए।
घटना का पूरा खुलासा
थाना चंदौली में गैंगस्टर एक्ट 104/26 के तहत दर्ज मामले में वादी ने प्रार्थना पत्र देकर पुलिस को आगाह किया था। वादी ने बताया कि शुभम सिंह और उसके संगठित गिरोह ने पहले 349/25 केस में उन पर जानलेवा हमला किया था। हमले में घायल व्यक्ति आज भी इलाज करा रहा है। इन पेशेवर अपराधियों को समय रहते पकड़ने में पुलिस की सुस्ती ने उन्हें अदालती राहत दिला दी।
इन खूंखार अपराधियों का आपराधिक रिकॉर्ड
ये आरोपी कोई छोटे-मोटे अपराधी नहीं, बल्कि पेशेवर गैंगस्टर हैं, जिनके नाम पर कई संगीन मामले दर्ज हैं। अमन उर्फ शुभम (पुत्र गिरीवर, ग्राम मझवार): हत्या के प्रयास, SC-ST एक्ट, गैंगस्टर सहित कुल 09 अभियोग।
रिशू उर्फ रितेश (पुत्र डब्लू उर्फ आशुतोष, ग्राम मझवार): हत्या के प्रयास, गैंगस्टर सहित कुल 07 अभियोग।
गोलू उर्फ ओमशिवम (ग्राम जेवरियाबाद) पर हत्या के प्रयास, SC-ST एक्ट, गैंगस्टर सहित कुल 03 अभियोग।
शुभम पांडेय (पुत्र गोविंद पांडेय, ग्राम मझवार) पर हत्या के प्रयास सहित कुल 04 अभियोग।
सिद्धार्थ सिंह उर्फ आर्यन (मझवार खास) पर गैंगस्टर सहित कुल 04 अभियोग। इन अपराधियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी की ओर से कोई खास रुचि नहीं दिखाई गई, जबकि SP द्वारा पहले ही कठोर कार्रवाई के निर्देश जारी हो चुके थे।
SP की सख्ती का संदेश
पुलिस अधीक्षक ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए तत्काल SHO को लाइन हाजिर कर दिया। यह घटना जिले में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दर्शाती है। अब नए अधिकारियों पर नजरें टिकी हैं कि ये खूंखार गैंगस्टर जल्द जेल की सलाखों के पीछे पहुंचें।
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