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निशाचर वारदात का शानदार पर्दाफाश

गेहूं चोरी का बलुआ पुलिस ने 6 दिन में खुलासा: गांव के ही चोरों ने उड़ाई 4 बोरी

चंदौली। बलुआ थाने की फुर्तीली पुलिस ने रात के घुप अंधेरे में हुई चोरी की सनसनीखेज वारदात का मात्र 6 दिनों में धमाकेदार खुलासा कर दिया। ग्रामीण हुदुहुदीपुर के किसान ओमप्रकाश सिंह के घर के बाहर रखी 4 बोरी कीमती गेहूं चोरी हो गया था।सबसे चौंकाने वाली बात—चोर पीड़ित के ही गांव के निकम्मे युवक थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को धर दबोचा और चोरी का पूरा माल बरामद कर लिया। यह सफलता इलाके में पुलिस की मुस्तैदी का जीता-जागता सबूत बन गई।



रात 1 बजे की निशाचर चोरी: दीवार से सटी बोरियां उड़ीं
25 अप्रैल 2026 की आधी रात को, जब पूरा गांव गहरी नींद में सो रहा था, तब आरोपी राजू गोड उर्फ मगरू और विशाल कुमार ने मौके का फायदा उठाया। किसान ओमप्रकाश सिंह के घर के बाहर दीवार से सटी 4 बोरी गेहूं—जो उनकी साल भर की मेहनत का नतीजा थीं—चुपके से उड़ा ली गईं। सुबह जब ओमप्रकाश को खाली जगह दिखी, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने 1 मई को थाना बलुआ में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई। उच्चाधिकारियों के सख्त निर्देश पर पुलिस ने तुरंत कमर कस ली और 'ऑपरेशन गेहूं रिकवर' शुरू कर दिया।

ताबड़तोड़ कार्रवाई: 10:50 बजे दबोचे गए आरोपी
1 मई 2026 को सुबह महज 10:50 बजे, रमौली काली मंदिर के पास पुलिस की घेराबंदी में दोनों आरोपी फंस गए। मुकदमा संख्या 117/26 धारा 303(2) एवं 317(2) बीएनएस के तहत दर्ज मामले में 4 बोरी चोरी का गेहूं उनके कब्जे से बरामद हो गया। आरोपी ग्राम हुदहुदीपुर के ही रहने वाले हैं। राजू गोड उर्फ मगरू पुत्र श्रीकांत गोड। विशाल कुमार पुत्र रामसकल। पुलिस ने बताया कि दोनों के पास चोरी का माल मिलते ही विधिक कार्रवाई तेज हो गई।  आरोपी का आपराधिक इतिहास अभी इसी मामले तक सीमित है, लेकिन गहन तलाशी और पूछताछ जारी है। स्थानीय लोगों में यह खबर तेजी से फैल गई, क्योंकि 'अपने ही गांव के चोरों' ने विश्वास तोड़ा था।

शाबाशी की हकदार बनी यह पुलिस टीम
इस अभियान में थाना बलुआ की बहादुर टीम ने कमाल दिखाया। जिसमे थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह—नेतृत्व प्रदान किया। उपनिरीक्षक सुरेश कुमार सिंह—खुफिया जानकारी जुटाई।उपनिरीक्षक जितेंद्र बहादुर सिंह—विशेष भूमिका निभाई।
कांस्टेबल रामबाबू राजभर—घेराबंदी में अहम योगदान दिया।ग्रामीण इलाकों में चोरी जैसी घटनाएं किसानों की कमर तोड़ देती हैं, खासकर फसल के मौसम में। लेकिन बलुआ पुलिस की यह मुस्तैदी ने कानून का राज कायम रखा और इलाके वालों को भरोसा दिलाया कि अपराधी बच नहीं सकते। आगे की जांच जारी है।

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