मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी शिकायत — जिला प्रशासन जांच में जुटा

चंदौली के सैयदराजा नगर पंचायत में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन शंकर जायसवाल ने वर्तमान प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जायसवाल का आरोप है कि नगर पंचायत क्षेत्र में पहले से बने सड़कों और नालियों को बिना आवश्यकता तोड़कर दोबारा बनाया गया, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर पुरानी इंटरलॉकिंग ईंटों को ही पुनः उपयोग कर नया निर्माण दर्शाया गया, जबकि रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर भुगतान दिखाया गया है।



शिकायत में कूड़ेदान वितरण, सड़क निर्माण, नाली निर्माण और अन्य विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं और धन के बंदरबांट की आशंका भी व्यक्त की गई है। शंकर ने पूछा कि यदि पूर्व में किए गए कार्य गुणवत्तापूर्ण थे तो उन्हें दोबारा क्यों तोड़ा गया और नई परियोजनाएँ किन आधारों पर स्वीकृत की गईं।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वर्ष 2025 से अब तक सैयदराजा नगर पंचायत में किए गए सभी विकास कार्यों, उनकी लागत और भुगतान संबंधी विस्तृत विवरण जिला प्रशासन से तलब कर लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच टीम संबंधित अभिलेखों और निर्माण कार्यों की पड़ताल कर रही है।

पूर्व चेयरमैन शंकर जायसवाल ने जिलाधिकारी से व्यक्तिगत रूप से मिलकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल यह मामला स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है; सभी की निगाहें जल्द आने वाली जांच रिपोर्ट और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।