चंदौली। जिले में आगामी 1 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाले मेगा/वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर की तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में पूर्णकालिक सचिव श्रीमती निकिता गौड़ की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर शिविर की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों को अपने-अपने क्षेत्र में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को चिन्हित कर शिविर से जोड़ने तथा जरूरतमंदों तक उनकी जानकारी और लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

बैठक का आयोजन राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में किया गया। दोपहर करीब 1:30 बजे शुरू हुई बैठक में श्रम कल्याण विभाग, राजस्व विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, पशुपालन विभाग तथा जिला प्रोबेशन विभाग के अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान आगामी शिविर को अधिक उपयोगी और व्यापक बनाने के लिए विभागवार योजनाओं की पहचान तथा उनके प्रचार-प्रसार को लेकर चर्चा हुई।

बैठक में कहा गया कि विभिन्न सरकारी विभागों के स्तर से ऐसी अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को सहायता उपलब्ध कराना है। इन योजनाओं को चिन्हित कर आगामी मेगा शिविर में शामिल किया जाए, ताकि पात्र लोगों को एक ही स्थान पर विधिक सहायता के साथ-साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी भी मिल सके।

विशेष रूप से निर्बल वर्ग, दिव्यांगजन, बच्चे, महिलाएं, निर्धन वर्ग, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए संचालित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करने पर जोर दिया गया। संबंधित विभागों से कहा गया कि वे अपने विभाग की ऐसी योजनाओं का विवरण तैयार करें, जो विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्यों और कर्तव्यों से संबंधित हैं तथा जिनका लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि मेगा शिविर का उद्देश्य केवल विधिक जानकारी उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि लोगों को उनके अधिकारों के साथ-साथ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना भी है। इसके लिए योजनाओं की पात्रता, लाभ और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में आमजन को सरल एवं प्रभावी तरीके से जानकारी उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई गई।

महिला सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं को भी शिविर के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि महिलाओं के हित और उनके सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को चिन्हित कर उनका व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए, जिससे पात्र महिलाएं योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे आ सकें।

इसी क्रम में आमजन और निर्धन वर्ग के लिए संचालित बीमा योजनाओं को भी विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम से जोड़ने की बात कही गई। बैठक में यह माना गया कि बीमा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की जानकारी का अभाव होने के कारण कई पात्र लोग उपलब्ध सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। ऐसे में मेगा शिविर के माध्यम से उन्हें इन योजनाओं की जानकारी देना उपयोगी होगा।

जल संरक्षण से संबंधित योजनाओं को भी व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए चिन्हित किए जाने पर चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उनके विभागों में संचालित जनकल्याणकारी और जनहित से जुड़ी योजनाओं को चिन्हित कर उन्हें शिविर की गतिविधियों में शामिल करने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। संबंधित अधिकारियों से कहा गया कि वे अपने-अपने विभाग की योजनाओं और लाभार्थी वर्ग से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित रूप से तैयार करें, ताकि आगामी शिविर के दौरान लोगों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जा सके।

विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को विधिक सहायता और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का कार्य किया जाता है। इसके साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध होने से ऐसे लोगों के लिए सहायता का दायरा और व्यापक हो सकता है, जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से सरकारी सेवाओं तक आसानी से नहीं पहुंच पाते।

आगामी 1 नवंबर 2026 को प्रस्तावित मेगा/वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर को इसी उद्देश्य के साथ व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। बैठक में संबंधित विभागों को अपनी योजनाओं को चिन्हित करने, उनकी जानकारी तैयार करने तथा आमजन तक व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में हुई चर्चा के अनुसार आगामी शिविर में विधिक साक्षरता के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी को भी प्रमुखता दी जाएगी, ताकि महिलाओं, दिव्यांगजनों, बच्चों, श्रमिकों, निर्धन एवं अन्य जरूरतमंद वर्गों को उनके लिए उपलब्ध सहायता और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी मिल सके। विभागों की भागीदारी से शिविर को अधिक व्यापक और जनोपयोगी बनाने की दिशा में तैयारियां आगे बढ़ाई जा रही हैं।