लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 और विधान परिषद की 11 सीटों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्यसभा की 10 सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को पूरा हो रहा है। इनमें भाजपा की आठ, समाजवादी पार्टी की एक और बहुजन समाज पार्टी की एक सीट शामिल है। इन सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित हो चुका है और मतदान 16 अक्टूबर को होगा।

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया के तहत अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख छह अक्टूबर, नामांकन पत्रों की जांच सात अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख नौ अक्टूबर निर्धारित है। मतदान 16 अक्टूबर को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक होगा, जबकि मतगणना उसी दिन शाम पांच बजे से शुरू होगी। चुनाव प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी हो जाएगी।

इन 10 सीटों में भाजपा के आठ सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें दिनेश शर्मा, हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, बीएल वर्मा, बृजलाल, नीरज शेखर, सीमा द्विवेदी और गीता शाक्य शामिल हैं। समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव और बसपा के रामजी गौतम का कार्यकाल भी 25 नवंबर को पूरा होगा।

राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि प्रदेश से राज्यसभा की कुल 31 सीटें हैं। सदस्यों का चुनाव विधानसभा के निर्वाचित सदस्य करते हैं। ऐसे में मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर अलग-अलग दलों के लिए सीटों का गणित महत्वपूर्ण होगा। हालांकि अंतिम परिणाम मतदान और चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

विधान परिषद की 11 सीटों पर भी नजर

राज्यसभा के साथ उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों को लेकर भी चुनावी तैयारियां चर्चा में हैं। इन सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं। संबंधित सदस्यों का कार्यकाल सात दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।

इन सीटों के निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ, मेरठ, आगरा, वाराणसी, इलाहाबाद-झांसी तथा बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद हैं। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में संबंधित मतदाता वर्ग की अलग निर्वाचन व्यवस्था होती है। निर्वाचन आयोग के अनुसार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए निर्धारित शैक्षिक योग्यता और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए निर्धारित शिक्षण अनुभव जैसी पात्रताएं लागू होती हैं।

राज्यसभा और विधान परिषद की इन सीटों के चुनाव विधानसभा चुनाव 2027 से पहले हो रहे हैं। इसलिए दलों के लिए उम्मीदवार चयन, सहयोगी दलों के साथ तालमेल और विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के आधार पर चुनावी रणनीति महत्वपूर्ण रहेगी। हालांकि किस दल को कितनी सीटें मिलेंगी, यह उम्मीदवारों और मतदान प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।

फिलहाल राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में गतिविधियां बढ़ गई हैं। आने वाले दिनों में विभिन्न दलों की ओर से संभावित उम्मीदवारों को लेकर तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।