तहसील क्षेत्र में राजस्व संबंधी कार्यों के लिए आने वाले लोगों को लेखपालों की उपलब्धता को लेकर परेशानी होने की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के मद्देनजर प्रशासन की ओर से लेखपालों की उपस्थिति की जांच की गई। जांच के दौरान बड़ी संख्या में लेखपाल अपने निर्धारित स्थान पर उपस्थित नहीं मिले।
उपस्थिति की जांच में कुल 88 लेखपालों में से 60 के गैरहाजिर मिलने के बाद एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लिया। अनुपस्थित पाए गए लेखपालों की गैरहाजिरी दर्ज की गई और उनसे अपनी अनुपस्थिति के संबंध में स्पष्टीकरण देने को कहा गया।
राजस्व विभाग के स्तर पर लेखपालों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि संबंधी मामलों, वरासत, आय-जाति-निवास प्रमाणपत्र समेत विभिन्न राजस्व कार्यों में लोगों का संपर्क लेखपालों से होता है। ऐसे में उनके क्षेत्र में उपलब्ध नहीं रहने से संबंधित कार्य प्रभावित होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
एसडीएम आकांक्षा सिंह ने लेखपालों को अपने दायित्वों के प्रति गंभीर रहने और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि कार्य में लापरवाही अथवा लगातार अनुपस्थिति सामने आने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है।
60 लेखपालों के अनुपस्थित मिलने के बाद अब उनके स्पष्टीकरण पर प्रशासन की नजर है। उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस कार्रवाई से तहसील के राजस्व कर्मचारियों में भी हलचल है।
प्रशासन की इस जांच का उद्देश्य राजस्व कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ ही आम लोगों को समय से सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना माना जा रहा है। आने वाले दिनों में लेखपालों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली को लेकर प्रशासन की निगरानी जारी रहने की संभावना है।