धानापुर, चंदौली ग्राम पंचायत खड़ान और कांधरपुर में अघोषित बिजली कटौती और बार-बार आपूर्ति बाधित होने से परेशान ग्रामीणों ने बुधवार को पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रेम सिंह के नेतृत्व में बिजली विभाग के एसडीओ सुधीर कुमार से मुलाकात की। ग्रामीणों ने लगातार आ रही विद्युत आपूर्ति की समस्या को लेकर नाराजगी जताते हुए स्थायी समाधान की मांग की। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीओ ने आपूर्ति प्रभावित होने के तकनीकी कारणों की जानकारी देते हुए करीब एक सप्ताह में सुधार की कार्रवाई शुरू कराने और अधिकतम 10 दिन के भीतर संबंधित समस्याओं को दूर कराने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।

ग्रामीणों के मुताबिक खड़ान और कांधरपुर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति नियमित नहीं रहने से लोगों को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है। दिन में कई बार बिजली आने-जाने से घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है। वहीं लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से किसानों, छोटे कारोबारियों और विद्यार्थियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तकनीकी खराबी आने के बाद कई बार घंटों तक बिजली बहाल नहीं हो पाती, जिससे लोगों को गर्मी और उमस के बीच परेशान रहना पड़ता है।

इसी समस्या को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रेम सिंह के नेतृत्व में एसडीओ सुधीर कुमार से मिलने पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारी के सामने क्षेत्र में हो रही अघोषित कटौती और बार-बार आने वाली तकनीकी खराबी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि केवल खराबी आने के बाद मरम्मत करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। पावर हाउस और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की तकनीकी जांच कराकर खराब उपकरणों और कमजोर हिस्सों को दुरुस्त कराने की जरूरत है।

ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद एसडीओ सुधीर कुमार ने बिजली आपूर्ति बाधित होने के पीछे तकनीकी कारणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धानापुर पावर हाउस के इनकमिंग और आउटगोइंग बॉक्स में बारिश के पानी के कारण नमी की समस्या उत्पन्न हो रही है। नमी के कारण विद्युत बॉक्स में खराबी आने के साथ ही उनके जलने की समस्या सामने आ रही है। इसका सीधा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ता है और बार-बार आपूर्ति बाधित होने से उपभोक्ताओं को परेशानी होती है।

एसडीओ के अनुसार धानापुर पावर हाउस परिसर में एक गड्ढा है, जिसमें बारिश का पानी जमा हो रहा है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से परिसर में नमी बनी रहती है। विभागीय अधिकारी के मुताबिक इसका असर पावर हाउस में लगे विद्युत बॉक्स और अन्य उपकरणों पर पड़ रहा है। किसी बॉक्स में खराबी आने या उसके जल जाने के बाद मरम्मत अथवा बदलने की प्रक्रिया में समय लगता है। इस दौरान संबंधित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है।

ग्रामीणों ने पावर हाउस परिसर में जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए बारिश के पानी की स्थायी निकासी व्यवस्था कराने की मांग की। उनका कहना था कि यदि परिसर में पानी जमा होने की समस्या खत्म कर दी जाए तो विद्युत उपकरणों को नमी से बचाया जा सकता है। इसके साथ ही बॉक्स और अन्य उपकरणों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी तकनीकी इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि बारिश के दौरान खराबी की समस्या बार-बार सामने न आए।

एसडीओ ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पावर हाउस परिसर में जलभराव और विद्युत उपकरणों से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने करीब एक सप्ताह का समय मांगते हुए सुधार की प्रक्रिया शुरू कराने की बात कही। साथ ही संबंधित समस्याओं को अधिकतम 10 दिन के भीतर दूर कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया।

अधिकारी के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में खड़ान और कांधरपुर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में तकनीकी खराबियों की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में पावर हाउस परिसर से पानी की निकासी के साथ विद्युत उपकरणों को नमी से बचाने की व्यवस्था करना जरूरी है। उनका कहना है कि इन दोनों समस्याओं का समाधान होने पर बार-बार होने वाली बिजली कटौती में कमी आ सकती है।

ग्रामीणों ने कहा कि बिजली अब केवल घरेलू जरूरत तक सीमित नहीं है। खेती-किसानी, बच्चों की पढ़ाई, छोटे कारोबार, दुकानों और रोजमर्रा के कई काम बिजली पर निर्भर हैं। लंबे समय तक आपूर्ति बाधित होने से किसानों को सिंचाई में परेशानी होती है, जबकि छोटे कारोबारियों के काम पर भी असर पड़ता है। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ घरों में भी सामान्य कामकाज बाधित होता है। इसलिए ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से तकनीकी खराबियों का स्थायी समाधान कराने की मांग की।

ग्रामीणों ने यह भी आग्रह किया कि बारिश के दौरान पावर हाउस परिसर में जलभराव की नियमित निगरानी की जाए। उनका कहना था कि यदि पानी जमा होते ही उसकी निकासी करा दी जाए तो विद्युत उपकरणों में नमी पहुंचने की संभावना कम होगी। इससे बॉक्स के खराब होने या जलने की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने विभाग से केवल तत्काल खराबी दूर करने के बजाय भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो, इसके लिए स्थायी इंतजाम करने की मांग की।

पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रेम सिंह ने कहा कि खड़ान और कांधरपुर के ग्रामीण लंबे समय से बिजली आपूर्ति की समस्या से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि यह किसी एक उपभोक्ता की समस्या नहीं है, बल्कि दोनों क्षेत्रों के बड़ी संख्या में बिजली उपभोक्ताओं से जुड़ा मामला है। उन्होंने विभाग से अपेक्षा जताई कि एसडीओ द्वारा दिए गए समय के भीतर समस्या का समाधान कराया जाएगा। साथ ही पावर हाउस परिसर में जलभराव की समस्या को भी स्थायी रूप से दूर कराया जाना चाहिए।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे विभागीय अधिकारी के आश्वासन का इंतजार करेंगे। उनका कहना है कि यदि तय समय में बिजली आपूर्ति में सुधार और तकनीकी समस्याओं का समाधान हो जाता है तो क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी। वहीं यदि समस्या बनी रहती है तो ग्रामीण आगे सामूहिक रूप से आंदोलन का निर्णय ले सकते हैं।

एसडीओ से मुलाकात करने वालों में नीरज सिंह, धीरज सिंह, प्रणीण पाण्डेय, नीरज पाण्डेय, शैलेन्द्र सिंह, विवेक सिंह विट्टू, मुन्ना राम, विनोद मौर्या, विशाल गोड़, शंकर गुप्ता, छोटू राज, कोमल गुप्ता, राजदीप सिंह सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।

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