चंदौली। पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल में मानसून से पहले की गई तैयारियों और लगातार निगरानी का असर बारिश के दौरान देखने को मिला। 20 अगस्त 2026 से अब तक क्षेत्र में करीब 295 मिलीमीटर बारिश होने के बावजूद डीडीयू जंक्शन और उससे जुड़ी रेलवे कॉलोनियों में जलनिकासी व्यवस्था सुचारु बनी रही। पिछले करीब आठ महीनों में नालियों की क्षमता बढ़ाने, नई नालियों के निर्माण, पुरानी नालियों के चौड़ीकरण, डी-सिल्टिंग और जलनिकासी मार्गों की कनेक्टिविटी सुधारने पर काम किया गया।

मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना के दिशा-निर्देश पर इंजीनियरिंग तथा पर्यावरण एवं गृह प्रबंधन विभाग ने चिन्हित स्थानों पर जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत किया। छोटी नालियों से बड़ी नालियों और फिर मुख्य निकास नालों तक पानी के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। बारिश के दौरान भी कर्मचारियों की ओर से संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी की जा रही है।

जून 2026 में यूरोपियन कॉलोनी के बड़े नाले की सफाई कराई गई। करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबे सट्टी वाले नाले की सफाई स्थानीय नगर निकाय और प्रशासन के सहयोग से जेसीबी, हाइड्रा और पोकलेन जैसी मशीनों से कराई गई। इसके अलावा लोको कॉलोनी से मानस नगर कॉलोनी की ओर जाने वाले बड़े नाले पर मुख्य सड़क की पुलिया के स्पैन की गहन सफाई कराई गई, जिससे बारिश के पानी के प्रवाह में अवरोध की संभावना कम हो सके।

यूरोपियन कॉलोनी में बड़े चर्च के पीछे करीब 400 मीटर नई नाली का निर्माण कराया गया, जबकि लगभग 200 मीटर पुरानी नाली का चौड़ीकरण किया गया। यूरोपियन कॉलोनी के बड़े नाले से वर्षाजल को बाहरी निकासी तंत्र तक पहुंचाने के लिए सट्टी वाले नाले से कनेक्टिविटी और जलप्रवाह को बेहतर किया गया। विभिन्न स्थानों पर नालियों के ऊपर बनी पुलियों के नीचे भी सफाई कराई गई।

रेलवे के मुताबिक, चिन्हित निचले क्षेत्रों में भी जलनिकासी व्यवस्था में जरूरी सुधार किए गए। नई नालियों का निर्माण उचित ढाल और ग्रेडिएंट के साथ किया गया, ताकि बारिश के पानी की वहन क्षमता बढ़े और पानी तेजी से निकासी मार्गों तक पहुंच सके। नालियों से गाद और अन्य अवरोध हटाने के साथ-साथ प्रमुख जलनिकासी मार्गों की नियमित निगरानी की जा रही है।
डीडीयू जंक्शन परिसर में भी नालियों की सफाई और डी-सिल्टिंग कराई गई। रेलवे के अनुसार इन तैयारियों के चलते जंक्शन और संबंधित कॉलोनियों में व्यापक एवं स्थायी जलभराव की स्थिति नहीं बनी। साथ ही जलभराव के कारण सिग्नल फेलियर की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई।

बारिश के दौरान तत्काल कार्रवाई के लिए डीडीयू जंक्शन पर 24 घंटे क्विक रिएक्शन टीम तैनात रहती है। यह टीम जंक्शन के महत्वपूर्ण स्थानों और जलनिकासी व्यवस्था पर नजर रखती है। कहीं अवरोध मिलने पर उसे तत्काल दूर करने की कार्रवाई की जाती है। मौसम विभाग से मिलने वाली अग्रिम वर्षा चेतावनियों के आधार पर संबंधित कर्मचारियों को भी अतिरिक्त सतर्क रखा जाता है।
रेलवे के अनुसार, डीडीयू जंक्शन के साथ करीब 3,700 रेलवे क्वार्टरों वाले लगभग तीन वर्ग किलोमीटर के विस्तृत रेल क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इसमें स्थानीय नगर निकाय और प्रशासन के साथ समन्वय की भी भूमिका रही है। लगातार बारिश के बीच जलनिकासी व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए संबंधित विभागों की निगरानी जारी है।

जलापूर्ति की गुणवत्ता पर भी निगरानी

मानसून के दौरान जलनिकासी के साथ रेलवे कॉलोनियों में जलापूर्ति की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। डीडीयू जंक्शन और संबद्ध रेलवे कॉलोनियों में स्वचालित बैक्टीरियोलॉजिकल ट्रीटमेंट एवं क्लोरीनेशन प्लांट संचालित किए जा रहे हैं।

रेलवे के अनुसार 10 पंपों पर स्थापित इन संयंत्रों का नियमित संचालन 10 सितंबर 2026 से शुरू हो चुका है। उपचारित पानी में अवशिष्ट क्लोरीन की ऑन-साइट जांच निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई है। डीडीयू जंक्शन, स्टेशन कॉलोनी और यूरोपियन कॉलोनी में जलापूर्ति के दौरान आवश्यक पीपीएम स्तर को निर्धारित मानक के अनुरूप बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की जा रही है।
शेष संबंधित स्थानों पर भी क्लोरीनेशन व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। रेलवे का कहना है कि जलनिकासी, जलापूर्ति की गुणवत्ता और रेल परिचालन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विभागीय निगरानी लगातार जारी रहेगी।

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