फर्जी दस्तावेजों से बैंक को लगाया चूना ,चंदौली पुलिस बिहार से दबोची
चन्दौली। न रेलवे की नौकरी थी और न ही रेलवे से कोई वेतन मिलता था, इसके बावजूद कथित तौर पर फर्जी पे-स्लिप और रेलवे विभाग के प्रमाण पत्र के सहारे भारतीय स्टेट बैंक से 20 लाख रुपये का पर्सनल लोन हासिल कर लिया। बैंक की जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद दर्ज मुकदमे में वांछित चल रहे आरोपी को चन्दौली पुलिस ने साइबर और सर्विलांस टीम की मदद से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी विजय कुमार राय पुत्र झूठी राय है। वह बिहार के खगड़िया जिले के मानसी थाना क्षेत्र के ग्राम चुकती का स्थायी निवासी है और वर्तमान में बेगूसराय जिले के फुलवरिया थाना क्षेत्र के बारो कादिर चक, वार्ड नंबर 23 में रह रहा था। आरोपी की उम्र करीब 42 वर्ष बताई गई है।
रेलवे कर्मचारी बनकर बैंक से लिया लोन
मामला भारतीय स्टेट बैंक की आईटीसी मॉल शाखा, चन्दौली से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक शाखा प्रबंधक ने 14 अगस्त 2026 को थाना चन्दौली में तहरीर देकर आरोप लगाया कि विजय कुमार राय ने स्वयं को रेलवे कर्मचारी बताते हुए बैंक में रेलवे विभाग से संबंधित फर्जी पे-स्लिप, प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए।
बताया गया कि आरोपी ने इन्हीं कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक की एक्स-प्रेस क्रेडिट योजना के तहत 15 नवंबर 2022 को 20 लाख रुपये का पर्सनल लोन प्राप्त कर लिया। लोन स्वीकृत होने के बाद उसकी किश्तें कथित रूप से वेतन खाते से कटनी थीं, लेकिन बैंक को निर्धारित किश्तें प्राप्त नहीं हुईं।
इसके बाद बैंक की ओर से मामले की जांच कराई गई। जांच के दौरान कथित तौर पर सामने आया कि जिस व्यक्ति ने खुद को रेलवे कर्मचारी बताया था, वह वास्तव में रेलवे विभाग का कर्मचारी नहीं था। इतना ही नहीं, उसके द्वारा प्रस्तुत की गई पे-स्लिप भी रेलवे विभाग की ओर से जारी नहीं की गई थी। इसके बाद बैंक को धोखाधड़ी का पता चला और पुलिस को इसकी सूचना दी गई।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे हासिल की रकम
बैंक की तहरीर के आधार पर थाना चन्दौली में मुकदमा अपराध संख्या 433/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत अभियोग पंजीकृत किया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली चन्दौली बिन्देश्वर प्रसाद पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साइबर टीम और सर्विलांस टीम की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार लगातार प्रयास के बाद 9 सितंबर 2026 को करीब 11:40 बजे विजय कुमार राय को पुलिस हिरासत में ले लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने बताई अपनी कहानी
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कानपुर में रहकर प्राइवेट काम करता था। आरोप है कि बैंक से लोन लेने के लिए उसने खुद को रेलवे कर्मचारी बताया और रेलवे विभाग की फर्जी पे-स्लिप, प्रमाण पत्र सहित अन्य कागजात तैयार किए। इन्हीं दस्तावेजों को बैंक में प्रस्तुत कर उसने 20 लाख रुपये का पर्सनल लोन प्राप्त किया।
पुलिस अब मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार करने और बैंक से लोन हासिल करने की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने में आरोपी की किसी अन्य व्यक्ति ने मदद की थी या नहीं। फिलहाल पुलिस ने मामले में किसी अन्य आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी है।
साइबर और सर्विलांस टीम ने निभाई अहम भूमिका
आरोपी की गिरफ्तारी में थाना चन्दौली पुलिस के साथ साइबर सेल और सर्विलांस सेल की टीम की भी भूमिका रही। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक बिन्देश्वर प्रसाद पाण्डेय, निरीक्षक दुर्गेश यादव, निरीक्षक रामजीत यादव, आरक्षी उमंग राय और आरक्षी राजकुमार सरोज शामिल रहे।
इसके अलावा साइबर सेल के उपनिरीक्षक मिर्जा रिजवान बेग और हेड कांस्टेबल सन्तोष सिंह तथा सर्विलांस सेल के आरक्षी मनीष कुमार ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की विवेचना जारी है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।