पीड़ित के भाई ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार, मामला दर्ज कर कार्रवाई के दिए निर्देश
चंदौली। बलुआ थाना क्षेत्र में शादी के नाम पर हरियाणा निवासी परिवार से कथित तौर पर लाखों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शादी के बाद दुल्हन अपने कथित परिजनों के साथ मिलकर अलग-अलग सामानों की खरीदारी और अन्य खर्चों के नाम पर पीड़ित परिवार से रकम खर्च करवाती रही और इसके बाद अचानक फरार हो गई। मामले को लेकर पीड़ित के भाई ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक की जनसुनवाई में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। शिकायत का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को मामला दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
एसपी आकाश पटेल ने कहा कि पीड़ित परिवार हरियाणा का रहने वाला है। उसके भाई की शादी बलुआ थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती से हुई थी। शादी के बाद जब नवविवाहित दंपती और परिवार के लोग बलुआ क्षेत्र में पहुंचे तो दुल्हन की ओर से अलग-अलग सामानों की खरीदारी के लिए कहा गया। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद लगातार विभिन्न चीजों की खरीदारी कराई गई और इस दौरान उनसे बड़ी रकम खर्च कराई गई।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि खरीदारी और अन्य खर्चों के नाम पर रकम खर्च कराने के बाद दुल्हन अचानक से गायब हो गई। काफी तलाश करने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद पीड़ित परिवार को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। मामले में परिवार ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के साथ ही पुलिस से शिकायत करने का निर्णय लिया।
मंगलवार को पीड़ित के भाई ने चंदौली पुलिस अधीक्षक की जनसुनवाई में पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत की। प्रार्थना पत्र में शादी से पहले संपर्क से लेकर शादी के बाद हुई खरीदारी और दुल्हन के फरार होने तक की पूरी घटना का उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना पुलिस को मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करेगी। साथ ही शादी से संबंधित दस्तावेज, खरीदारी के बिल, भुगतान से जुड़े साक्ष्य, मोबाइल फोन पर हुई बातचीत तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच किए जाने की संभावना है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले की जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि शादी किस माध्यम से तय हुई थी और इसमें युवती के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। यदि जांच में शादी के नाम पर सुनियोजित तरीके से ठगी किए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इस घटना ने शादी के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कई बार परिवार शादी तय करते समय सामने वाले पक्ष की पर्याप्त जानकारी और सत्यापन नहीं कराते। ऐसे में बाद में विवाद अथवा धोखाधड़ी की स्थिति पैदा हो जाती है। पुलिस का कहना है कि शादी तय करने से पहले संबंधित परिवार की पहचान, पता और अन्य आवश्यक जानकारी का सत्यापन करना बेहद जरूरी है।
फिलहाल पीड़ित परिवार को पुलिस की जांच और कार्रवाई का इंतजार है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कथित तौर पर ठगी में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस द्वारा दुल्हन और उसके संपर्क में रहे अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद उम्मीद जताई है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और शादी के नाम पर परिवार से कथित तौर पर खर्च कराई गई रकम तथा अन्य नुकसान के संबंध में उसे न्याय मिलेगा। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह मामला व्यक्तिगत विवाद है या वास्तव में सुनियोजित तरीके से शादी के नाम पर ठगी की गई है।