इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। परिजनों ने विद्यालय के शिक्षक संजीव तिवारी पर छात्र की डंडे से पिटाई करने का आरोप लगाया है।घटना की सूचना के बाद गांव के लोगों ने दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
परिजनों के अनुसार, छात्र विद्यालय से घर पहुंचा तो उसने शिक्षक द्वारा डंडे से पिटाई किए जाने की जानकारी दी। परिजनों का कहना है कि मारपीट में छात्र को चोटें आई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने नाराजगी जताई और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षक के विरुद्ध सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था पहले से ही सवालों के घेरे में रही है। उनका कहना है कि कुछ शिक्षक मनमाने ढंग से विद्यालय आते-जाते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि विद्यालय से जुड़ी शिकायतें पहले भी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई थीं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चा का माहौल है और अनुसूचित जाति समुदाय के लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।
हालांकि, इस मामले में शिक्षक का पक्ष तथा बेसिक शिक्षा विभाग का आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है। छात्र के साथ मारपीट और जातीय भेदभाव से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच और दोनों पक्षों के बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
0 टिप्पणियाँ