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एमएलसी पद दिलाने के नाम पर 17.22 लाख की ठगी, अलीनगर पुलिस ने वांछित आरोपी को दबोचा

रकम वापस मांगने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप, मुखबिर की सूचना पर जीटीआर पुल के पास से गिरफ्तारी

चंदौली। एमएलसी पद दिलाने के नाम पर 17 लाख 22 हजार रुपये लेने और रकम वापस मांगने पर कथित तौर पर गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी देने के मामले में अलीनगर पुलिस ने वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ अलीनगर थाने में धोखाधड़ी समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। सोमवार को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गंजीप्रसाद तिराहे के आगे जीटीआर पुल की बायीं पटरी के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान चन्द्रबहादुर मौर्य पुत्र खरपत्तू मौर्य, निवासी ग्राम पिपरी, थाना भदोही, जिला संत रविदास नगर, उत्तर प्रदेश, उम्र करीब 41 वर्ष के रूप में हुई है। उसकी गिरफ्तारी 17 अगस्त 2026 को सुबह करीब 8:05 बजे की गई।

एमएलसी पद दिलाने के नाम पर रकम लेने का आरोप

पुलिस के अनुसार इस मामले में वादिनी रीता चिरई पत्नी दशरथ, निवासी ग्राम कैली, पोस्ट कुरहना, थाना अलीनगर, जनपद चंदौली ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि चन्द्रबहादुर मौर्य ने एमएलसी पद दिलाने के नाम पर उनसे कुल 17 लाख 22 हजार रुपये लिए।
शिकायत के अनुसार रकम देने के बाद जब कथित तौर पर एमएलसी पद दिलाने की बात पूरी नहीं हुई तो वादिनी ने अपने रुपये वापस मांगने शुरू किए। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान आरोपी द्वारा कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई।

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अलीनगर थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद से पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी।

दिसंबर 2025 में दर्ज हुआ था मुकदमा

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इस मामले में अलीनगर थाने में मु.अ.सं. 565/2025 के तहत 7 दिसंबर 2025 को अभियोग पंजीकृत किया गया था। मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।

पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ धारा 318(2), 316(2), 352, 351(2), 383, 336(3) और 340(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज है। मुकदमे की विवेचना प्रचलित थी और चन्द्रबहादुर मौर्य को वांछित अभियुक्त बताया गया था।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी। संभावित ठिकानों पर जानकारी जुटाई जा रही थी और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया था। इसी क्रम में सोमवार की सुबह पुलिस को आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की

पुलिस के अनुसार मुखबिर ने सूचना दी कि मुकदमे में वांछित अभियुक्त चन्द्रबहादुर मौर्य जीटीआर पुल के आसपास मौजूद है। सूचना मिलते ही अलीनगर पुलिस टीम ने बिना देर किए बताए गए स्थान की ओर रुख किया। पुलिस टीम गंजीप्रसाद तिराहे के आगे जीटीआर पुल की बायीं पटरी के पास पहुंची और संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की।

पुलिस के मुताबिक पहचान की पुष्टि होने के बाद चन्द्रबहादुर मौर्य को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी का समय सुबह करीब 8:05 बजे दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेने के बाद मुकदमे से संबंधित आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

धोखाधड़ी के साथ धमकी का भी आरोप

मामले में आरोप केवल रकम लेने तक सीमित नहीं है। शिकायत के अनुसार रुपये वापस मांगने पर वादिनी के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने इसी आधार पर मुकदमे में धोखाधड़ी के साथ अन्य संबंधित धाराओं में भी कार्रवाई की है।
हालांकि, पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों और मुकदमे में दर्ज तथ्यों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी। अभी मामला विवेचना के स्तर पर है और पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों एवं साक्ष्यों की जांच कर रही है।

17.22 लाख रुपये के लेनदेन की भी होगी जांच

पुलिस की कार्रवाई के बाद अब विवेचना में कथित रूप से दिए गए 17 लाख 22 हजार रुपये के लेनदेन से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि रकम किस माध्यम से दी गई, रकम लेने के दौरान क्या बातचीत हुई और एमएलसी पद दिलाने के नाम पर वादिनी को किस प्रकार का आश्वासन दिया गया था।
मामले में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित दस्तावेज, लेनदेन के साक्ष्य और अन्य उपलब्ध तथ्यों को विवेचना में शामिल किया जा सकता है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अलीनगर पुलिस टीम की कार्रवाई

इस गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक गगनराज सिंह के नेतृत्व में अलीनगर पुलिस टीम ने कार्रवाई की। गिरफ्तारी करने वाली टीम में निरीक्षक रमेश कुमार यादव, कांस्टेबल अली अहमद और कांस्टेबल आकाश सिंह शामिल रहे।

पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि अपराध से जुड़े मामलों में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

राजनीतिक पद के नाम पर ठगी से रहें सावधान

एमएलसी पद दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लिए जाने का आरोप सामने आने के बाद यह मामला लोगों के लिए भी सावधानी का संदेश देता है। किसी राजनीतिक पद, सरकारी नौकरी, नियुक्ति अथवा प्रभावशाली पद दिलाने का दावा करने वाले व्यक्ति के झांसे में आकर बिना सत्यापन के बड़ी रकम देना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

लोगों को ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति के दावे पर तत्काल विश्वास करने के बजाय संबंधित पद की वैधानिक प्रक्रिया, अधिकारिक व्यवस्था और लेनदेन की विश्वसनीयता की जांच करनी चाहिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को देना भी जरूरी है।

फिलहाल अलीनगर पुलिस ने 17 लाख 22 हजार रुपये की कथित ठगी और धमकी के मामले में वांछित अभियुक्त चन्द्रबहादुर मौर्य को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना जारी है। आगे की न्यायिक प्रक्रिया और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों से यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में कौन-कौन से तथ्य प्रमाणित होते हैं। पुलिस की इस गिरफ्तारी से मामले में आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल गया है।