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चन्दौली के 1700 युवाओं को मिलेगा ₹5 लाख तक का बिना ब्याज और गारंटी ऋण

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत आवेदन शुरू, 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी के साथ डिजिटल भुगतान पर भी मिलेगा अनुदान; युवाओं को रोजगार पाने के बजाय रोजगार देने वाला बनने का अवसर

चन्दौली। जिले के उन युवाओं के लिए बड़ी राहत और अवसर की खबर है, जो अपना कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें नए उद्यम स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान शुरू किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत चन्दौली जनपद में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1,700 नई इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के तहत पात्र युवाओं को उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में नया व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹5 लाख तक का ऋण बिना ब्याज और बिना किसी गारंटी के उपलब्ध कराया जाएगा।
फोटो: उदय प्रकाश पासवान (उपायुक्त उद्योग चंदौली)

जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, चन्दौली के उपायुक्त उद्योग उदय प्रकाश पासवान ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और प्रदेश में नई सूक्ष्म इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देना है। योजना के माध्यम से युवा अपनी योग्यता, रुचि और स्थानीय बाजार की आवश्यकता के अनुसार कारोबार शुरू कर सकते हैं।

10 वर्षों में 10 लाख नई सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान को प्रदेश में रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार ने अगले 10 वर्षों में कुल 10 लाख नई सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत प्रत्येक वर्ष लगभग एक लाख नई इकाइयों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

इसी क्रम में चन्दौली जिले के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,700 इकाइयों का लक्ष्य आवंटित किया गया है। जिले के युवाओं के लिए यह योजना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से उन्हें कारोबार शुरू करने के लिए शुरुआती पूंजी की व्यवस्था करने में सहायता मिलेगी।

ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कई युवा हुनर और मेहनत रखने के बावजूद पूंजी के अभाव में अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पाते। बैंक से ऋण लेने में ब्याज, गारंटी और अन्य औपचारिकताओं की वजह से भी कई युवा पीछे हट जाते हैं। ऐसे युवाओं के लिए यह योजना स्वरोजगार की दिशा में एक बड़ा अवसर साबित हो सकती है।

चार वर्ष तक पूरी तरह ब्याज मुक्त रहेगा ₹5 लाख तक का ऋण

उपायुक्त उद्योग उदय प्रकाश पासवान ने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र युवाओं को ₹5 लाख तक का ऋण चार वर्षों के लिए पूरी तरह ब्याज मुक्त उपलब्ध कराया जाएगा। यानी निर्धारित सीमा तक लिए गए ऋण पर लाभार्थी को ब्याज का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।

योजना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ऋण लेने के लिए किसी प्रकार की संपत्ति, जमीन या गारंटर की आवश्यकता नहीं होगी। यानी पात्र युवा बिना अपनी जमीन या अन्य संपत्ति को गिरवी रखे व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

इसके साथ ही सरकार द्वारा CGTMSE कवरेज का पूरा खर्च वहन किया जाएगा। इससे लाभार्थियों को बैंक गारंटी की व्यवस्था करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस सुविधा से ऐसे युवाओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनके पास कारोबार शुरू करने की इच्छा तो है, लेकिन बैंक ऋण के लिए पर्याप्त संपत्ति या गारंटर उपलब्ध नहीं है।

परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी

योजना में युवाओं को ऋण के साथ आर्थिक प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। उपायुक्त उद्योग के अनुसार कुल परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।

इसका उद्देश्य व्यवसाय शुरू करने वाले युवाओं पर शुरुआती आर्थिक दबाव को कम करना है। किसी भी कारोबार को स्थापित करने में मशीनरी, उपकरण, कच्चा माल, दुकान अथवा कार्यस्थल और अन्य आवश्यक संसाधनों पर खर्च होता है। ऐसे में सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता युवा उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

हालांकि, आवेदन करने वाले युवाओं को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में लगाना होगा। यानी लाभार्थी की भी परियोजना में आर्थिक भागीदारी रहेगी।

डिजिटल भुगतान को भी मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने का भी प्रावधान किया गया है। योजना के तहत डिजिटल भुगतान करने वाले लाभार्थियों को ₹1 प्रति ट्रांजैक्शन के हिसाब से अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। यह सुविधा अधिकतम ₹2,000 प्रतिवर्ष तक होगी।

सरकार का उद्देश्य छोटे कारोबारियों को डिजिटल लेनदेन की ओर प्रोत्साहित करना है। इससे व्यापार में पारदर्शिता बढ़ने के साथ ग्राहकों को भी सुविधाजनक भुगतान विकल्प मिल सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय करने वाले युवाओं के लिए डिजिटल भुगतान की सुविधा कारोबार बढ़ाने में भी सहायक हो सकती है।

21 से 40 वर्ष के युवा कर सकेंगे आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने पात्रता की शर्तें भी निर्धारित की हैं। आवेदन करने वाला व्यक्ति उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए। उसकी आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

शैक्षणिक योग्यता के संबंध में न्यूनतम योग्यता 8वीं पास निर्धारित की गई है। इसके अलावा इंटरमीडिएट अथवा उसके समकक्ष योग्यता रखने वाले युवा भी पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

आवेदक को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अपना अंशदान लगाना होगा। इसके अलावा पीएम स्वनिधि योजना को छोड़कर आवेदक ने केंद्र अथवा राज्य सरकार की किसी अन्य योजना के तहत पहले से ब्याज या पूंजी सब्सिडी का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।

इससे योजना का लाभ ऐसे पात्र युवाओं को मिल सकेगा, जो पहली बार अपना नया उद्यम शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

रोजगार की तलाश करने वाले युवा बनेंगे रोजगार देने वाले

सरकार की इस योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य युवाओं की सोच में बदलाव लाना भी है। वर्तमान समय में बड़ी संख्या में युवा सरकारी या निजी नौकरी की तलाश में रहते हैं। लेकिन सीमित रोजगार अवसरों के बीच अपना कारोबार शुरू करना युवाओं के लिए दीर्घकालिक विकल्प बन सकता है।

यदि कोई युवा अपनी छोटी इकाई स्थापित करता है और उसमें दो-चार अन्य लोगों को भी रोजगार देता है तो इससे केवल एक व्यक्ति ही आत्मनिर्भर नहीं होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर कई परिवारों की आय का स्रोत तैयार हो सकता है।

चन्दौली जैसे जिले में कृषि आधारित गतिविधियों, छोटे उद्योगों, सेवा क्षेत्र और स्थानीय जरूरतों से जुड़े व्यवसायों में युवाओं के लिए संभावनाएं मौजूद हैं। ऐसे में सरकारी वित्तीय सहायता का उपयोग कर युवा अपनी क्षमता और स्थानीय बाजार के अनुरूप व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।

आवेदन से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी

उपायुक्त उद्योग उदय प्रकाश पासवान ने इच्छुक युवाओं से अपील की है कि वे योजना का लाभ लेने के लिए पूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद ही आवेदन करें। आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, परियोजना से संबंधित शर्तों और अन्य औपचारिकताओं की जानकारी के लिए युवा कार्यालय उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, चन्दौली में किसी भी कार्य दिवस में संपर्क कर सकते हैं।

उन्होंने युवाओं से कहा कि योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है। इसलिए इच्छुक युवा योजना की पात्रता को समझें और उपलब्ध अवसर का लाभ उठाते हुए अपना उद्यम स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाएं।

1700 युवाओं के लिए खुला आत्मनिर्भरता का रास्ता

चन्दौली में 1,700 नई इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया जाना जिले के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। बिना ब्याज ऋण, गारंटी से राहत, परियोजना लागत पर अतिरिक्त सब्सिडी और डिजिटल भुगतान पर अनुदान जैसी सुविधाओं के माध्यम से युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने में मदद मिल सकती है।

सरकार की योजना यदि प्रभावी ढंग से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचती है तो इससे जिले में छोटे कारोबारों को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। खास तौर पर ऐसे युवा, जिनके पास व्यवसाय शुरू करने का विचार और हुनर है लेकिन पूंजी की कमी है, उनके लिए यह अभियान नई उम्मीद लेकर आया है।

अब जरूरत इस बात की है कि पात्र युवा योजना की सही जानकारी प्राप्त करें, अपने व्यवसाय की ठोस परियोजना तैयार करें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान चन्दौली के 1,700 युवाओं के लिए केवल ऋण की योजना नहीं, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होकर रोजगार देने वाला उद्यमी बनने का अवसर भी बन सकता है।