सकलडीहा, चंदौली। सकलडीहा तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अतिक्रमण, जलभराव, दवा छिड़काव और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े मामले प्रमुखता से उठे। एसडीएम आकांक्षा सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में कुल 56 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें पांच का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए उनके निस्तारण के निर्देश दिए गए। वहीं, समाधान दिवस में कई अधिकारियों और कर्मचारियों के गैरहाजिर रहने की बात भी सामने आई।

समाधान दिवस में टिमिलपुर की ग्राम प्रधान रीता देवी ने गांव के धर्मशाला पर कथित कब्जे का मामला अधिकारियों के सामने रखा। उन्होंने बताया कि उनके गांव के धर्मशाला पर दूसरे ग्राम पंचायत के लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया है। इसके कारण गांव के गरीब परिवारों को अपने सामाजिक और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने में परेशानी हो रही है।

ग्राम प्रधान ने कहा कि धर्मशाला पर कब्जे की शिकायत कई बार तहसील प्रशासन से की जा चुकी है, लेकिन अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कराकर धर्मशाला को कब्जामुक्त कराने की मांग की। इसके साथ ही गांव के तालाब के भीटे पर कुछ लोगों द्वारा किए जा रहे कथित अतिक्रमण का मामला भी उठाया। ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया कि इस मामले में भी शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है।

फलदार पौधों के वितरण पर उठे सवाल

समाधान दिवस में भारतीय किसान यूनियन के वाराणसी मंडल अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप तिवारी ने उद्यान विभाग से संबंधित शिकायत भी दर्ज कराई। उन्होंने उद्यान विभाग की ओर से वितरित किए गए फलदार पौधों को लेकर सवाल उठाए। तिवारी का आरोप था कि विभाग की ओर से गांवों में कहीं भी फलदार पौधों का वितरण नहीं किया गया, जबकि शासन स्तर से इसके लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई थी।

उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि योजना के तहत पौधों का वितरण कहां और किस स्तर पर किया गया।

जलभराव के बीच दवा छिड़काव नहीं होने की शिकायत

किसान नेता ने ग्रामीण क्षेत्रों में दवा छिड़काव नहीं होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण इस समय गांवों में जगह-जगह पानी भरा हुआ है। जलभराव के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छररोधी दवा का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है।

उन्होंने संबंधित विभाग से जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल दवा का छिड़काव कराने की मांग की, जिससे ग्रामीणों को मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से राहत मिल सके।

हेतमपुर माइनर पर अतिक्रमण का मामला भी उठा

जितेंद्र प्रताप तिवारी ने हेतमपुर माइनर पर अतिक्रमण का मामला भी समाधान दिवस में अधिकारियों के सामने रखा। उन्होंने माइनर को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की। किसान नेता ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन की ओर से आंदोलन किया जाएगा।

समाधान दिवस में अलग-अलग विभागों से जुड़ी शिकायतें आने के बाद अधिकारियों ने संबंधित विभागों को मामलों के निस्तारण के लिए भेजा। प्रशासन की ओर से शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किए जाने पर जोर दिया गया।

इस दौरान तहसीलदार अभिजीत प्रताप सिंह, बीईओ कृष्ण गोपाल तिवारी, सकलडीहा बीडीओ विजय कुमार सिंह, चहनियां बीडीओ जावेद अख्तर, धानापुर बीडीओ राकेश कुमार मिश्रा, सकलडीहा एडीओ बजरंगी पांडेय, धानापुर एडीओ राजेश सिंह, सीडीपीओ विमलेश पाल समेत संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।