पशुओं में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए टीकाकरण को पशु स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भी पशु रोग नियंत्रण के तहत सघन टीकाकरण और पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी गई है। सरकारी जानकारी के अनुसार प्रदेश में बड़े पैमाने पर पशुओं का टीकाकरण कराया गया है, जिसमें लम्पी स्किन रोग से बचाव के लिए भी करोड़ों पशुओं का टीकाकरण शामिल है।
इसी दिशा में खड़ान गांव में चलाया जा रहा अभियान पशुपालकों के पशुओं तक टीकाकरण सुविधा पहुंचाने का स्थानीय प्रयास है। अभियान का जोर इस बात पर है कि गांव का कोई भी पशु टीकाकरण से वंचित न रहे। इसके लिए पशुपालकों से अपने पशुओं को लेकर टीम के साथ सहयोग करने की अपील की जा रही है।
टीकाकरण के दौरान पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य पर नियमित नजर रखने के लिए भी जागरूक किया गया। लम्पी रोग से संबंधित किसी तरह के असामान्य लक्षण दिखाई देने पर पशु चिकित्सक से संपर्क करने और आवश्यक चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दिया गया। पशुओं की साफ-सफाई और उनके रहने के स्थान को स्वच्छ रखने की सलाह भी पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण है।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रेम सिंह के प्रयास से गांव में पशुपालकों को टीकाकरण अभियान से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। उनका प्रयास है कि अभियान के दौरान अधिक से अधिक पशुओं को टीका लगाया जाए और कोई पशुपालक जानकारी या सुविधा के अभाव में अपने पशु को टीकाकरण से वंचित न रखे।
पशुधन अधिकारी डॉ. सुरेंद्र यादव के साथ टीम ने गांव में पशुपालकों के पशुओं का टीकाकरण किया। अभियान के दौरान ग्रामीणों ने भी अपने पशुओं को टीका लगवाने में सहयोग किया। विभागीय टीम की ओर से पशुपालकों को पशुओं में बीमारी के लक्षणों पर नजर रखने और समस्या सामने आने पर तत्काल सूचना देने के लिए कहा गया।
पशुपालन ग्रामीण परिवारों की आय और आजीविका से जुड़ा है। ऐसे में पशुओं को संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखना पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण है। बीमारी की स्थिति में पशु के स्वास्थ्य पर असर पड़ने के साथ पशुपालक को उपचार का खर्च भी उठाना पड़ सकता है। टीकाकरण और समय पर पशु चिकित्सा सुविधा इस जोखिम को कम करने की दिशा में किए जाने वाले प्रमुख उपायों में शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने पशुपालकों के लिए मुफ्त पशु चिकित्सा सहायता की व्यवस्था के तहत 1962 टोल-फ्री सेवा भी उपलब्ध कराई है। पशुपालक जरूरत पड़ने पर पशु चिकित्सा संबंधी सहायता के लिए इस सेवा का उपयोग कर सकते हैं।
अभियान के दौरान पशुपालकों से यह भी कहा गया कि टीकाकरण के साथ पशुओं की नियमित देखभाल जरूरी है। पशुओं के रहने के स्थान की सफाई, उनकी नियमित निगरानी और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय से चिकित्सकीय सलाह लेने से पशु स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल की जा सकती है।
खड़ान गांव में शुरू किए गए अभियान का अगला लक्ष्य शेष पशुओं को भी टीकाकरण के दायरे में लाना है। इसके लिए विभागीय टीम और ग्रामीण स्तर पर सहयोग का क्रम जारी रखने की बात कही गई है। अभियान पूरा होने तक गांव के सभी पशुओं का टीकाकरण कराने पर जोर दिया जा रहा है।
पशु चिकित्साधिकारी आनंद कुमार की पहल और पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रेम सिंह के प्रयास से शुरू हुए इस अभियान में पशुधन अधिकारी डॉ. सुरेंद्र यादव समेत टीम की भागीदारी रही। स्थानीय स्तर पर चलाया जा रहा यह अभियान सरकारी पशु रोग नियंत्रण व्यवस्था के अनुरूप पशुपालकों को टीकाकरण सुविधा से जोड़ने की दिशा में प्रयास है। गांव के सभी पशुओं को टीका लगाए जाने के लक्ष्य के साथ अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।