कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता नितिन मेश्राम, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के एसोसिएट फेलो डॉ. अरविंद कुमार और समाजसेवी ओपी गौतम ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने डॉ. आंबेडकर के जीवन संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन के लिए उनके प्रयासों को याद करते हुए शिक्षा, आत्मसम्मान और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
मुख्य अतिथि लाल सिंह आर्य ने कहा कि समाज के जागरूक लोगों को केवल चर्चा तक सीमित न रहकर जरूरतमंद और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से निरंतर संवाद जरूरी है। समाज के प्रबुद्ध लोगों को क्षेत्रीय समस्याओं और आवश्यक सुझावों को संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के सामने रखना चाहिए।
शिक्षा और जागरूकता पर जोर
सेमिनार में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. आंबेडकर का जीवन शिक्षा, समानता, आत्मसम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ना और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना महत्वपूर्ण है।
वक्ताओं ने शिक्षा और संगठन को सामाजिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि समाज में समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं।
बुद्ध प्रतिमा भेंट कर अतिथियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान ओएनजीसी एससी/एसटी कर्मचारी कल्याण संघ की ओर से अतिथियों एवं समाजसेवियों को तथागत गौतम बुद्ध की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान समानता, सामाजिक समरसता और मानव कल्याण के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
संघ के अध्यक्ष दयानंद ने कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों, वक्ताओं, समाजसेवियों, कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन भविष्य में भी सामाजिक जागरूकता, समानता और सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
कार्यक्रम का संचालन संघ के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष श्याम सुंदर ने किया। इस अवसर पर ओएनजीसी कर्मचारी एवं अधिकारी महासचिव बालकरन सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी, अधिकारी और समाजसेवी मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन शिक्षा, सामाजिक न्याय, समानता और सशक्त समाज के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।