मजार पर गई थी युवती
बताया जाता है कि 17 सितंबर को नजमा बानो रायपुर-जगनिया मार्ग पर स्थित मजार पर अगरबत्ती लगाने गई थी। कुछ समय बाद मजार के आसपास उसे गंभीर हालत में पड़े देख स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। युवती के शरीर पर खून लगा था और गर्दन पर गंभीर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे।
स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को देने के साथ घायल युवती को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धानापुर पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल भेजा गया। वहां से चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए वाराणसी रेफर कर दिया।
ट्रॉमा सेंटर में चल रहा उपचार
नजमा को वाराणसी स्थित ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। गंभीर चोट के कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। परिजन लगातार उसके स्वस्थ होने और होश में आने की उम्मीद लगाए हुए हैं। युवती के बयान को घटना की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वह ही यह बता सकती है कि मजार के पास उसके साथ क्या हुआ था और घटना के समय वहां कौन मौजूद था।
मौके से मिले खून के निशान और ईंट के टुकड़े
घटना की सूचना मिलने के बाद धानापुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। मजार के आसपास खून के निशान और ईंट के टुकड़े मिलने की बात सामने आई है। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू की है।
हालांकि, आठ दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ ऐसा ठोस सुराग नहीं लगा है, जिससे घटना में शामिल व्यक्ति या व्यक्तियों तक पहुंचा जा सके। पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
बयान से खुल सकती हैं घटना की कड़ियां
पुलिस के सामने घटना का समय, युवती पर हमला किसने किया, हमले की वजह क्या थी और वारदात के बाद हमलावर किस दिशा में गए, जैसे कई सवाल हैं। युवती के लगातार बेहोश रहने के कारण फिलहाल घटना का प्रत्यक्ष विवरण सामने नहीं आ सका है। ऐसे में उसके होश में आने के बाद दर्ज होने वाला बयान जांच के लिए अहम हो सकता है।
ग्रामीणों में नाराजगी, प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
घटना को लेकर क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है। ग्रामीण हमलावरों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई।
फिलहाल परिवार की चिंता युवती की हालत को लेकर बनी हुई है। आठ दिन से नजमा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। वहीं पुलिस के सामने चुनौती घटना की कड़ियों को जोड़कर हमलावरों तक पहुंचने और पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की है।