माननीय कार्यकारी जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के निर्देश पर हुए निरीक्षण के दौरान प्रबंधक अरविंद कुमार, चौकीदार रंजू देवी, आया नसीम नगमा व सरिता देवी तथा गार्ड रामलक्षन राय उपस्थित मिले।
सचिव निकिता गौड़ ने बाल गृह की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया। इसके साथ ही बच्चों की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा स्थिति, उपलब्ध मेडिकल किट, खान-पान, सुरक्षा व्यवस्था और शौचालय की स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान संबंधित व्यवस्थाएं उचित पाई गईं।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को कहीं अनाथ या संकट की स्थिति में शिशु मिले तो उसे अपने पास रखने अथवा किसी अन्य व्यक्ति को सौंपने के बजाय तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, स्थानीय पुलिस या नजदीकी राजकीय बाल गृह को सूचना देनी चाहिए। इससे बच्चे को सुरक्षित संरक्षण मिल सकेगा और उसके भविष्य के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत उचित कदम उठाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि संकट में मिले बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में समय पर सूचना मिलने से बच्चे के संरक्षण और उसके सुरक्षित भविष्य की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है।