सकलडीहा कस्बे में हाईवे सड़क के निर्माण और उससे जुड़े कार्यों के दौरान सड़क, नाला, बिजली तथा पुलिया निर्माण का काम पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से कार्यदायी संस्था को सौंपा गया है। निर्माण कार्य के क्रम में बीते दिनों हाईवे किनारे नाले के समीप बिजली के पोल लगाए गए और उन पर तार खींचकर विद्युत आपूर्ति शुरू कराई गई।
स्थानीय लोगों और दुकानदारों के अनुसार, बिजली लाइन लगाए जाने के बाद से ही इसकी स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हाईवे किनारे कई स्थानों पर बिजली के तार नीचे की ओर लटक रहे हैं। यही स्थान पटरी दुकानदारों की रोजमर्रा की दुकानदारी का भी प्रमुख क्षेत्र है। ऐसे में दुकानदारों को हर समय बिजली के तारों को लेकर चिंता बनी रहती है।
दुकानदारों का कहना है कि लाइन के आसपास बंदरों का भी लगातार आवागमन रहता है। बंदर जब एक पोल से दूसरे पोल की ओर छलांग लगाते हैं या तारों को हिलाते हैं तो कई बार बिजली के तार आपस में सट जाते हैं। इससे शॉर्ट सर्किट होने की स्थिति बन जाती है। शॉर्ट सर्किट के कारण तेज आवाज और चिंगारी निकलने की घटनाओं से आसपास मौजूद दुकानदारों और ग्राहकों में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो जाती है।
स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक, इस समस्या के कारण कई बार विद्युत आपूर्ति भी बाधित होती है। तारों के आपस में सटने के बाद बिजली बंद हो जाती है और काफी देर तक आपूर्ति प्रभावित रहती है। इससे दुकानदारों के कामकाज पर भी असर पड़ता है। उनका कहना है कि समस्या केवल बिजली कटौती तक सीमित नहीं है, बल्कि असली चिंता किसी व्यक्ति के तार की चपेट में आने की है।
सबसे अधिक चिंता उन तीन पोल के तारों को लेकर जताई जा रही है, जो बंदरों के कारण बीते कई दिनों से लटके हुए बताए जा रहे हैं। हाईवे किनारे इन तारों के आसपास ही पटरी पर दुकानें लगती हैं। सुबह से शाम तक यहां लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ग्राहक दुकानों पर पहुंचते हैं और दुकानदार अपना सामान सड़क किनारे लगाकर कारोबार करते हैं। ऐसी स्थिति में नीचे लटकते तारों के कारण किसी भी समय अप्रिय स्थिति पैदा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
व्यापारियों का कहना है कि बिजली की लाइन को सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित करना विभाग की जिम्मेदारी है। यदि तारों में कोई तकनीकी समस्या है या वे निर्धारित ऊंचाई पर नहीं हैं तो समय रहते उन्हें ठीक किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि बिजली के तारों के मामले में थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है, इसलिए शिकायत के बाद तत्काल कार्रवाई जरूरी है।
दुकानदारों के अनुसार, समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को जानकारी दी गई। मौके की स्थिति से भी अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद लटकते तारों को अब तक ठीक नहीं कराया गया। शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
व्यापारियों ने कहा कि यदि कोई तार टूटकर नीचे गिरता है या किसी व्यक्ति के संपर्क में आता है तो जान-माल का नुकसान हो सकता है। हाईवे किनारे होने के कारण यहां लगातार वाहनों की आवाजाही भी रहती है। किसी हादसे की स्थिति में राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों को भी परेशानी हो सकती है। इसी वजह से व्यापारियों ने विभाग से मांग की है कि किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल विद्युत तारों की जांच कर उन्हें सुरक्षित किया जाए।
स्थानीय दुकानदारों का यह भी कहना है कि बंदरों की गतिविधियों से बार-बार तारों के हिलने और आपस में सटने की समस्या सामने आ रही है। ऐसे में केवल लटकते तारों को ऊपर उठाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि लाइन को इस तरह व्यवस्थित करने की जरूरत है कि बाहरी कारणों से भी तार आपस में न सटें और शॉर्ट सर्किट की स्थिति उत्पन्न न हो।
हाईवे किनारे निर्माण कार्य के दौरान बिजली के पोल और तार लगाए जाने के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर भी स्थानीय लोगों में चर्चा है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के साथ विद्युत व्यवस्था भी की जा रही है तो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि दुकानदारों और राहगीरों के लिए किसी तरह का खतरा न रहे। खासकर बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाके में विद्युत तारों की स्थिति पर नियमित निगरानी जरूरी है।
व्यापारियों ने बिजली विभाग से मांग की है कि मौके पर कर्मचारियों को भेजकर तीनों पोल की स्थिति की जांच कराई जाए। जहां तार लटक रहे हैं, उन्हें व्यवस्थित किया जाए और जरूरत के अनुसार लाइन को सुरक्षित किया जाए। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बंदरों के तारों पर कूदने या उन्हें हिलाने से शॉर्ट सर्किट की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते लटकते तारों की समस्या का समाधान नहीं किया गया और भविष्य में कोई बड़ा हादसा होता है तो इसके लिए संबंधित विभागीय अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उनका कहना है कि विभाग को शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसी व्यक्ति की जान खतरे में न पड़े।
स्थानीय लोगों ने भी बिजली विभाग से मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखने की मांग की है। लोगों का कहना है कि विद्युत व्यवस्था आमजन की सुविधा के लिए है, लेकिन यदि वही व्यवस्था असुरक्षित हो जाए तो यह चिंता का विषय है। बाजार क्षेत्र में बिजली के तारों को लेकर किसी तरह की लापरवाही आगे चलकर गंभीर समस्या का कारण बन सकती है।
मामले में अवर अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि लटकती हुई तार को जल्द ही कर्मचारियों के माध्यम से ठीक कराया जाएगा। विभाग की ओर से दिए गए इस आश्वासन के बाद अब दुकानदारों को तारों के दुरुस्त होने का इंतजार है। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि समस्या कई दिनों से बनी हुई है, इसलिए इसे जल्द से जल्द दूर किया जाना चाहिए।
सकलडीहा के व्यापारियों और स्थानीय लोगों की नजर अब बिजली विभाग की कार्रवाई पर है। फिलहाल हाईवे किनारे लटकते तारों की वजह से पटरी दुकानदारों में चिंता बनी हुई है। यदि विभाग समय रहते तारों को व्यवस्थित कर देता है तो संभावित दुर्घटना को टाला जा सकता है। वहीं यदि समस्या बनी रहती है तो बाजार क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहेंगे।
#चंदौली #सकलडीहा #बिजलीविभाग #बिजलीकेलटकतेतार #विद्युतसुरक्षा #पटरीदुकानदार #सकलडीहाखबर #चंदौलीन्यूज #हाईवे #स्थानीयसमाचार