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शिक्षक ही व्यक्ति की अंतर्निहित क्षमता तथा उसके व्यक्तित्त्व को विकसित करता है: एमएलसी

वाराणसी,
सारनाथ। 28अप्रैल 2024,रविवार को थाई बौद्ध विहार विपस्सना हाल में डॉ अंबेडकर की 133वी जयंती को "बोधिसत्व बाबा साहेब के मिशन मे शिक्षकों की भूमिका" शीर्षक के अन्तर्गत अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ा एवम् अल्पसंख्यक शिक्षक संगठन के बैनर तले समारोह एवम् संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

फोटो: लालबिहारी यादव शिक्षक एमएलसी वाराणसी खण्ड सारनाथ में लोगों को संबोधित करते हुए 

मुख्य अतिथि लालबिहारी यादव शिक्षक एमएलसी वाराणसी खण्ड ने कहा कि डॉ अंबेडकर कहे थे की शिक्षक ही राष्ट्र निर्माता है । क्योंकि शिक्षक ही व्यक्ति की अंतर्निहित क्षमता तथा उसके व्यक्तित्त्व को विकसित करता है। शिक्षक उसे समाज में एक वयस्क की भूमिका निभाने के लिए समाजीकृत करता है तथा समाज के सदस्य एवं एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए व्यक्ति को आवश्यक ज्ञान तथा कौशल उपलब्ध कराता है। वहीं मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी सत्ता में आती है तो बीना आईएस क्वालीफाइड लोगों को 340 पदों पर रख देती है जिसमें एससी ,एसटी ,ओबीसी और अल्पसंख्यक के एक भी व्यक्ति को उस भर्ती में स्थान नहीं देती है । यह सरकार अपने दो पंचवर्षीय कार्यकाल में एससी,एसटी ,ओबीसी और अल्पसंख्यक विरोधी कार्य किया है चाहे वह भर्ती प्रक्रिया हो या न्याय की बात हो। अब संविधान को भी बदलना चाहती है। इसलिए संविधान और आरक्षण को बचाने के लिए अपने को और भाई को भले न्यौछावर करना पड़े संविधान की सुरक्षा के लिए संकल्पित होना होगा और अपने मताधिकार का प्रयोग सही मायने में करना होगा।

लॉर्ड बुद्धा डॉ अंबेडकर सेवा समिति के प्रांतीय अध्यक्ष अर्जून आर्या ने कहा कि डॉ अंबेडकर ने अपने जीवन में शिक्षा को ही सर्वसाधन सम्पन्न माना, क्योंकि शिक्षा ही अंध विश्वासों से मुक्ति तथा अज्ञानता,अन्याय और शोषण के विरू़द्व लड़ने की ताकत देती है।एक शिक्षक ही ज्ञान, उचित आचरण और तकनीकी दक्षता, शिक्षण और विद्या निरंतरता को बनाए रखता है। आधारभूत नियमों, व्यवस्थाओं, समाज के प्रतिमानों एवं मूल्यों को सीखाता है और शिक्षा देकर मानव जीवन की एक सामाजिक प्रक्रिया जिसके जन्मजात शक्तियों का विकास, उसके ज्ञान एवं कौशल में वृद्धि एवं व्यवहार में परिवर्तन करता है और इस प्रकार उसे सभ्य, सुसंस्कृत एवं योग्य नागरिक बनाता है। वहीं डॉ अंबेडकर के मिशन को लेकर उन्होंने बताया कि आज प्रदर्शन नहीं परिवर्तन करने की जरूरत है 

कार्यक्रम को डॉ. के के उजाला, डॉ. रश्मि गौतम, डॉ.शशिबाला, डॉ. बृजेश कुमार भारती, डॉ. विनोद कुमार, प्रो.बालेश्वर यादव , अरुण कुमार प्रेमी, शुभावती प्रसाद, अरविन्द कुमार, बलदेव प्रसाद, अनिल राव, सुनिल कुमार प्रसाद, गणेश प्रसाद प्रधानाचार्य व जिपंस, लल्लन कुमार प्रांतीय महामंत्री (LBDASS) वीरेन्द्र कुमार भारती संरक्षक (LBDASS) आनंद प्रकाश, सुरेश प्रसाद, अजेंद्र कुमार, मनोज यादव, प्रिया चौधरी योगेन्द्र प्रसाद , त्रिलोकी नाथ मास्टर सहित अन्य ने संबल प्रदान किया।
अध्यक्षता श्याम अवध प्रसाद व संचालन रामहरख चौधरी ने किया।

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