5 किलो सरकारी राशन लेने और भाजपा को वोट न देने पर हुई पिटाई लोकतंत्र में शर्मनाक
भाजपा शासन में दलितों का सामाजिक अपमान बढ़ा
लखनऊ, 16 मई। भाकपा (माले) ने भाजपा को वोट न देने के कारण बरेली जिले में एक दलित की बर्बर पिटाई करने की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने पांच किलो सरकारी राशन लेने और भाजपा को वोट न देने पर हुई पिटाई को शर्मनाक बताते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।
भाकपा (माले) के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि घटना का वीडियो वायरल हुआ है, जो प्रमाण है। नवाबगंज एसडीएम कार्यालय परिसर में दलित चौकीदार वीरेंद्र की वहां तैनात दो होमगार्डों (रामपाल गंगवार व वीर बहादुर गंगवार) ने जमीन पर गिराकर बूटों और रायफल की बटों से बुरी तरह पिटाई की। खबर के अनुसार, दलित को इसलिए पीटा गया, क्योंकि पांच किलो मुफ्त राशन पाने के बावजूद उसने भाजपा को वोट नहीं दिया।
माले नेता ने कहा कि लोकतंत्र के लिए यह घटना शर्मनाक है। चुनाव आयोग को संज्ञान लेना चाहिए। पुलिस भाजपा के एजेंट रुप में काम कर रही है। सरकारी कोटे से गरीबों को पांच किलो मुफ्त राशन की भरपाई जनता पर टैक्स के पैसों से हो रही है। इलेक्टोरल बांड से भाजपा द्वारा की गई अवैध कमाई से इसका भुगतान नहीं हो रहा है। इसके लिए दलितों-गरीबों के वोट पर वह अधिकार नहीं जता सकती।
राज्य सचिव ने कहा कि भाजपा शासन में दलितों का सामाजिक अपमान बढ़ा है। सबका साथ सबका विकास का उसका नारा धोखा है। भाजपा की सोच मनुस्मृति से संचालित है। वह अंबेडकर लिखित संविधान को बदल कर आरएसएस की इच्छानुसार मनुस्मृति को ही संविधान बना देना चाहती है। सामाजिक न्याय, सम्मान, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए भाजपा को सत्ता से बेदखल करना जरुरी है।
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