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समता ,स्वतंत्रता और बंधुत्व ही सामाजिक जीवन का आधार-अर्जुन प्रसाद आर्य

लार्ड बुद्धा डॉ.अंबेडकर सेवा समिति की गोष्ठी सम्पन्न ,वक्ताओं ने सामाजिक समरसता बनाये रखने पर जोर दिया 

चन्दौली - लॉर्ड बुद्धा डॉ.अंबेडकर सेवा समिति के तत्वावधान में डॉ. अंबेडकर कम्प्यूटर इंस्टीट्यूट के सभागार में 'ममता,समता और बंधुत्व' आधारित विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें जनपद के बहुजन हितचिंतकों ने भाग लिया और अपने अपने विचार रखे।

फोटो : गोष्ठी को संबोधित करते हुए अर्जुन आर्य।

गोष्ठी में अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद आर्य ने कहा कि " समता , स्वतंत्रता और बंधुत्व ही सामाजिक जीवन का आधार है। अगर कोई इन तत्वों पर चोट करता है तो समाज का ताना-बाना बिखरता है और समाज टूटता है। इसके लिए आवश्यक है कि हम सभी लोग बिना किसी भेद-भाव के एक दूसरे का सुख दुःख बाँटे ताकि समाज मे समता बनी रहे। समाज मे मनुष्य मनुष्य के बीच ऊंच-नीच के भेद की खाई पाटें बगैर हम स्वस्थ समाज की परिकल्पना नही कर सकते।"

 गोष्ठी में उपस्थित राम लखन , सीआरपीएफ कमांडेंट, जम्मू-कश्मीर में कहा कि "वंचित समाज को समाज की मुख्य धारा में जोड़ना उन सभी लोगो का कर्तव्य है जो पढ़ - लिख कर ऊँचे ओहदों पर बैठे है जिनका नाता वंचित समाज से रहा है।"

अरुण कुमार, प्रवक्ता, नगरपालिका इंटर कालेज, मुग़लसराय ने कहा कि लोकतंत्र में सभी की भागीदारी और सबके साथ के बिना समतामूलक समाज का निर्माण सम्भव नही हो सकेगा। किसी एक धर्म , जाति विशेष की प्रमुखता और उपस्थिति से समाज मे समता नही लायी जा सकती।"

गोष्ठी में अपने उदगार व्यक्त करते हुए राकेश कुमार, रजिस्टार ने बताया कि हर एक पढ़ा-लिखा सम्पन्न व्यक्ति कम से कम एक अभावग्रस्त व्यक्ति को पढ़ाये लिखाये, लोगो की जरूरत पर मदद करे तो समाज मे भाईचारा कायम रहेगा।

गोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे हुए आनंद प्रकाश मौर्य ने समतामूलक , वर्ण विहीन समाज की स्थापना के लिए गौतम बुद्ध के बताए गए मार्ग आज भी प्रासंगिक है । मानव मावन एक समान का नारा ही हमारा मूल मंत्र है जिस पर चलकर भारत विश्व की अगुवाई कर सकता है।

उदय प्रताप , निदेशक , डॉ. अंबेडकर शिक्षण संस्थान ने अपनी बात रखते हुए कहा कि "हमारा भारतीय संविधान देश मे निवास कर रहे सभी नागरिकों के हितों की रक्षा करता है। इसका ठीक से अनुपालन ही समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में बाँधता है। व्यक्ति की वेदना और पीड़ा का समय पर यदि निवारण नही होता है तो समाज मे असमता बढ़ती है, जिससे लोगो मे असंतोष उपजता है।"

इस अवसर पर सर्व श्री मेंही लाल गौतम अधिशासी अधिकारी, दिनेश चन्द्र, पूर्व वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी रेलवे, राम सुभाष, विधि अधीक्षक रेलवे, विनोद कुमार त्यागी , बीरेंद्र कुमार भारती पूर्व बैंक प्रबंधक, एड.हीरा लाल , एड.गोकुल प्रसाद, विजय कुमार बरहनी, एड.अरुण कुमार , डॉ. जितेंद्र मौर्य, शिवपूजन मौर्य ,भोलानाथ शर्मा , विकास भारद्वाज,राम लाल मौर्य, संजय मौर्य , अरुण कुमार मौर्य सहित बड़ी संख्या में वक्ता एवं श्रोतागण उपस्थित रहे। गोष्ठी का कुशल संचालन वरिष्ठ एडवोकेट रामजन्म बागी जी और धन्यवाद ज्ञापन संजय कुमार दिनकर ने किया।

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