चंदौली, चकिया। क्षेत्र के कनेरा गांव के गुरु रविदास प्रांगण में महान जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी और उपनिवेशवाद-विरोधी बिरसा मुंडा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस के रूप में हर्षोल्लास से मनाई गई. इस अवसर पर आजाद समाज पार्टी (कां) के नेताओं सहित गांव के संभ्रांत व्यक्तियों महिलाओं पुरुषों और बच्चों ने भाग लेकर कार्यक्रम में संबल प्रदान किया और जनजातीय गौरव के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित किया.
बता दें कि क्रान्ति के सूर्य बिरसा मुंडा का जन्म 1874 में हुआ था. वर्ष 2024-25 को उनके जन्म के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में भारत में हर साल 15 नवंबर को उनके यादगार में जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाता है.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि (आजाद समाज पार्टी के जिला महासचिव) सिद्धार्थ प्राण बाहु ने कहा कि आज हमें महापुरुष बिरसा मुंडा के संघर्षों से सीख लेने और समाज में उनके योगदान को पहचानने का दिन हैं. उनके संघर्ष। ने विश्व भर के असंख्य नागरिकों को प्रभावित किया है और वे भावी पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा के स्रोत रहेंगे. महापुरुषों की प्रतिमाएं युवा पीढ़ी को
सीख देतीं. उनके जीवन से प्रेरणा लेने का वक्त है .
इस अवसर पर कैलाश, अखिलेश, अजय, महेश, आशा देवी, सुखिया देवी दुर्गा देवी, बारमती देवी, तेतरा देवी,नीतू देवी, पार्वती देवी, रामचरन, नितीन, मुन्नी देवी, पूजा देवी, मनोरमा देवी,नीतू देवी, टोनिस, छोटू,निशा देवी सहित अन्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. नन्दलाल महादेवन व संचालन संघर्ष सूर्यवंशी ने किया अंत में लगभग दो दर्जन लोगों ने सदस्यता ग्रहण कर संगठन की नीतियों पर चलकर मजबूती प्रदान करने हेतु संकल्प लिया।
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