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केवाईसी के नाम पर गैस एजेंसी की लूट

 ₹500 वसूलकर पासबुक छीन ली, बुकिंग के बावजूद सिलेंडर नहीं, ग्रामीणों में उबाल, चेतावनी—कार्रवाई न हुई तो सड़क पर जनआंदोलन

आजमगढ़ के तहसील बुढ़नपुर रानीपुर के ग्राम पंचायत लोहरा में स्थित कीर्तिमान ग्रामीण वितरक (इंडेन) गैस एजेंसी एक बार फिर उपभोक्ताओं के गुस्से का शिकार बनी हुई है। यहां केवाईसी अपडेट के बहाने एजेंसी मालिक, कर्मचारी और कंप्यूटर ऑपरेटर की सांठगांठ से ग्रामीणों से खुलेआम ₹500 तक की अवैध वसूली हो रही है। पैसे न देने पर न सिर्फ गैस सिलेंडर की डिलीवरी रोक दी जाती है, बल्कि उपभोक्ताओं की गैस पासबुक तक छीन ली जाती है—और महीनों तक लौटाई नहीं जाती।


उपभोक्ताओं की मार्मिक कहानी: 'पैसे दो, तभी सिलेंडर-पासबुक मिलेगी'
ग्रामीण उपभोक्ता खुलासा कर रहे हैं कि एजेंसी कर्मचारी साफ शब्दों में धमकाते हैं—'पैसे दो तभी पासबुक लौटेगी, वरना गैस भूल जाओ!' एक बुजुर्ग महिला ने बताया, "मैंने तीन महीने पहले बुकिंग कराई, लेकिन सिलेंडर नहीं आया। पासबुक मांगने पर ₹500 मांगे गए। पहले से केवाईसी करा चुकी हूं, फिर भी मजबूर किया जा रहा।" इसी तरह, कई किसान और मजदूर बता रहे हैं कि बुकिंग के बावजूद 15-20 दिन चक्कर लगवाए जाते हैं। एजेंसी पर अभद्र व्यवहार का भी आरोप है—गाली-गलौज और धमकी से गरीब परिवार बेबस हो रहे हैं।

मनमानी की हद: पहले केवाईसी वाले भी शिकार
सबसे शर्मनाक यह कि जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही केवाईसी पूरा कर लिया है, उन्हें भी दोबारा पैसे मांगे जाते हैं। एक युवा ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "एजेंसी वाले कहते हैं, 'पुराना केवाईसी पुराना हो गया, नया कराओ—₹500 दो।' इससे घर में खाना बनाना मुश्किल हो गया।" ऐसी शिकायतें दर्जनों हैं, जो क्षेत्र में आक्रोश फैला रही हैं।

प्रशासन के नाम पत्र, चेतावनी भरा आंदोलन का ऐलान
शिकायतकर्ता पी.के. ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिलाधिकारी, सीडीओ और जिला पूर्ति अधिकारी को लिखित शिकायत भेजी है। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। चेतावनी साफ है: 'अगर 7 दिनों में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो लोहरा और आसपास के ग्रामीण सड़कों पर उतरेंगे। जनआंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की!' क्षेत्रवासी चाहते हैं कि इंडेन गैस प्रबंधन तत्काल हस्तक्षेप करे, वसूली बंद हो और पासबुक लौटाई जाएं। क्या प्रशासन इस लूट पर लगाम लगाएगा, या ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा?

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