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वाराणसी: चौकाघाट में दीवार ढहने से हड़कंप

एनडीआरएफ की 500 मीटर रेंज में 'लाइटनिंग रेस्क्यू' - मलबे से घायल को 30 मिनट में सुरक्षित निकाला, बड़ी त्रासदी टली

वाराणसी, 30 अप्रैल 2026: चौकाघाट क्षेत्र में आज दोपहर एक नव-निर्माणाधीन भवन की भारी दीवार अचानक ढह गई, जो समीप स्थित एक मकान पर आकर गिर पड़ी। यह घटना एनडीआरएफ के 11वीं वाहिनी मुख्यालय से महज 500 मीटर दूर हुई, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई। प्रारंभिक सूचना में चार लोगों के मलबे में फंसने की आशंका जताई गई थी, लेकिन राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने अपनी बिजली जैसी गति और पेशेवर दक्षता से एक संभावित बड़ी त्रासदी को टाल दिया।

सूचना मिलते ही उपमहानिरीक्षक श्री मनोज कुमार शर्मा के नेतृत्व में 11वीं वाहिनी की एक विशेषज्ञ टीम आधुनिक उपकरणों—जैसे हाइड्रोलिक कटर, थर्मल इमेजिंग कैमरा और लाइफ-सेविंग गियर—के साथ घटनास्थल के लिए दौड़ पड़ी। महज कुछ मिनटों में मौके पर पहुंची टीम ने सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। ऑपरेशन के दौरान पता चला कि तीन व्यक्ति मामूली चोटों के साथ खुद ही मलबे से बाहर निकल चुके थे, लेकिन एक व्यक्ति गंभीर रूप से फंसा हुआ था—उसके चारों ओर ईंट-पत्थरों का भारी ढेर और सांस लेने में तकलीफ।

एनडीआरएफ के बहादुर जवानों ने अत्यंत सूझबूझ से काम लिया। उन्होंने पहले मलबे को सावधानीपूर्वक हटाया, फिर तकनीकी उपकरणों से व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला—पूरी प्रक्रिया में मात्र 30 मिनट लगे। तत्काल प्राथमिक उपचार देकर घायल को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस कार्रवाई ने न केवल एक जीवन बचाया, बल्कि पूरे इलाके को भयानक हादसे से मुक्त कर दिया।

यह अभियान एनडीआरएफ की 'आपदा सेवा सदैव सर्वत्र' की भावना का जीवंत प्रमाण है। टीम की तत्परता और समन्वय ने साबित कर दिया कि आपदा के हर पल वे तैयार रहते हैं। स्थानीय लोगों ने एनडीआरएफ का आभार जताते हुए कहा, "ये हमारे रक्षक हैं, जो हर संकट में साथ देते हैं।"

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