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तेल्हरा गोलीकांड में श्यामलाल की मौत

छोटे बच्चों में उपजा विवाद, लाठी-डंडों और फायरिंग तक पहुंचा 

चंदौली जिले के कंदवा थाना क्षेत्र के तेल्हरा गांव में बीते दिनों एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जहां बच्चों के झगड़े को लेकर शुरू हुई कहासुनी लाठी-डंडों और लाइसेंसी बंदूक की फायरिंग तक पहुंच गई। इस हिंसक संघर्ष में 55 वर्षीय श्यामलाल सबसे गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनकी बुधवार देर शाम मौत हो गई।

रविवार सुबह साढ़े सात बजे तेल्हरा के दलित बस्ती में दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश भड़क उठी। एक पक्ष का कुत्ता टहलाते समय विवाद का कारण बना, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। सोशल मीडिया वीडियो में साफ दिखा कि लाठी-डंडे चलने के बाद एकनाली लाइसेंसी बंदूक से अंधाधुंध फायरिंग हुई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। 

घटना में कुल 7 से 10 लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। मुख्य घायलों में श्यामलाल (55), मनेखर (28), लखेबर (60), दुलारे (28), संत बेराह (42), कुंदन (45), पंकज (14), सुशीला (13), अमित (18) और शकुंतला (35) के नाम प्रमुख हैं। श्यामलाल को छर्रों ने बुरी तरह जख्मी किया था, और जिला अस्पताल में इलाज के दौरान हालात गंभीर होने पर सभी को ट्रामा सेंटर रेफर किया गया था। मौत ने मामले को और गंभीर बना दिया। बाकी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। 

कंदवा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर 18 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जिसमें लाइसेंसी हथियार से फायरिंग का आरोप है।  मारपीट में शामिल  लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन मुख्य आरोपी फरार हैं, जिसके लिए छापेमारी जारी है। गांव में पुलिस छावनी बांध दी गई है। 

यह घटना जमीनी विवाद या पुरानी दुश्मनी से जुड़ी बताई जा रही है, जो एक पालतू कुत्ते की वजह से भड़क उठी। स्थानीय लोगों में डर का माहौल है, क्योंकि फायरिंग के बाद पूरा गांव सन्नाटे में डूब गया। घटना में नामजद 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

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