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चंदौली पुलिस की साहसिक कार्रवाई

बिहार से हथियार तस्करी के अपराधी नेटवर्क पर शिकंजा

चंदौली जिले के थाना चकिया में पुलिस की सतर्कता ने अपराध की कमर तोड़ दी। 21 अप्रैल 2026 को गढ़वा घाट कुटिया ग्राम सोनबरसा के पास रूटीन चेकिंग में थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह की टीम ने अपाचे मोटरसाइकिल (UP64BB1531) पर सवार दो संदिग्धों को धर दबोचा। इनके कब्जे से 32 बोर का अवैध पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किया, जो बिहार से लाए गए। 

आरोपी प्रमोद कुमार पटेल (ग्राम तिलौली कला, थाना कर्मा, सोनभद्र)।प्रमोद कुमार यादव (ग्राम केवली, थाना घोरावल, सोनभद्र)। के विरुद्ध मुकदमा 102/2026 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट दर्ज कर, मोटरसाइकिल जब्त कर दी।

पूछताछ में पटेल ने 'ट्रांसपोर्ट व्यवसाय की सुरक्षा' का बहाना बनाया, लेकिन यह स्पष्ट है कि दोनों बिहार के अज्ञात तस्करों के जाल में फंसे थे। यादव ने हाटा क्षेत्र से हथियार लेने का कबूलनामा दिया। पटेल का ताजा केस और यादव का पुराना इतिहास (मुकदमा 171/22, धारा 323/325/504 भादवि)—ये संकेत देते हैं कि ये छोटे-मोटे अपराधी नहीं, बल्कि सीमा-पार तस्करी रिंग के छोटे पहिए हैं। उनका मंसूबा सोनभद्र में हिंसा फैलाना था, जो ट्रांसपोर्ट जैसे 'सम्मानजनक' कारोबार को ढकने का प्रयास था। यह जोड़ी बिहार-यूपी हथियार बाजार की जड़ों को उजागर करती है, जहां सस्ते हथियार स्थानीय गुंडागर्दी को हवा देते हैं।

पूछताछ में पटेल ने यादव पर हथियार दिलवाने का आरोप लगाया, जबकि यादव ने बिहार कनेक्शन स्वीकारा। यह खुलासा बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है। थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह, उ0नि0 अमित कुमार मिश्रा, हे0का0 अनुज कुमार यादव और का0 श्रीराम यादव की यह बेमिसाल टीम न सिर्फ सतर्क रही, बल्कि सूझबूझ से अपराध की जड़ तक पहुंची।

उच्चाधिकारियों के निर्देशन में उनकी लगातार चेकिंग ने न केवल हथियार रोके, बल्कि पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया। ऐसी निष्ठा और साहस अपराधियों के हौसले तोड़ने वाली मिसाल है—यह कार्रवाई क्षेत्रवासियों के लिए गर्व का विषय। यह घटना सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की पैनी नजर को मजबूत संदेश देती है।

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