नोएडा (गौतमबुद्धनगर)। 25 अप्रैल को ओएनजीसी कॉलोनी, सेक्टर-39 में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जन्म जयंती पर सांस्कृतिक संध्या ने दिल जीत लिया। भारत रत्न बाबा साहब के संघर्ष गीतों से गूंजा परिसर देखने लायक था। ओएनजीसी कॉर्पोरेट ऑफिस दिल्ली और ऑल इंडिया एससी-एसटी एम्प्लॉईज वेलफेयर एसोसिएशन (AISCSTEWA), ओएनजीसी दिल्ली के सहयोग से हुआ यह आयोजन यादगार रहा।
दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि से शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि इरशाद अहमद (ग्रुप जीएम, ओएनजीसी), विशेष अतिथि ओ.पी. गौतम (प्रेसिडेंट, पार्लियामेंट्री स्ट्रीट मेला कमेटी व जीएस, दूरदर्शन एससी/एसटी एसोसिएशन) और दयानंद सिंह (अध्यक्ष, AISCSTEWA दिल्ली) ने मंच सजाया।
इरशाद अहमद खान बोले, "बाबा साहब लोकतंत्र के सच्चे शिल्पकार थे। 'शिक्षित बनो, संगठित बनो, संघर्ष करो'—यह संदेश अमर है। अन्याय न सहना ही उनकी सच्ची शिक्षा। महिलाओं से लेकर समाज तक उनके योगदान अविस्मरणीय हैं।"
ओ.पी. गौतम ने समानता का मंत्र दोहराया: "बाबा साहब के आदर्शों से ही समतामूलक समाज बनेगा। सामाजिक-राजनीतिक-आर्थिक न्याय जरूरी है।"
AISCSTEWA अध्यक्ष दयानंद सिंह ने 'जय भीम' से अभिवादन किया। "संविधान के शिल्पी बाबा साहब ने वंचितों को ताकत दी। ओएनजीसी हाशिए के समुदायों के साथ कदम-कदम पर।"
समता म्यूजिकल ग्रुप के निखिल बोद्ध, शशि भूषण व बुद्ध मित्रा ने बाबा साहब के जीवन पर गीतों की धुन बांधी, जो दिल को छू गई।
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष श्याम सुंदर ने संचालन किया। ओएनजीसी की कॉर्पोरेट संचार, आईटी, समन्वय, इंफोकोम टीमों को धन्यवाद देते हुए कहा, "यह बाबा साहब को सच्ची श्रद्धांजलि—समानता, न्याय व समावेशिता का प्रतीक।"
ओएनजीसी अधिकारी, परिवारजन व एसोसिएशन सदस्यों ने संकल्प लिया—बाबा साहब की राह पर चलेंगे।
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